कस्बे से अलीगढ़ के लिए चलने वाली ई बसें बंद हो गई हैं। इससे कस्बे सहित मजरों और आसपास गांवों के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं और महिलाओं को हो रही है। इस सर्द मौसम में उन्हें खुले डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि डग्गामार वाहन चालक क्षमता से अधिक सवारियां बिठाते हैं। ऐसे में सभी सवारियां एक-दूसरे से सटकर बैठती हैं। ऐसे में सामान खोने और चोरी होने का डर भी बना रहता है।
कस्बा निवासी गुंजन का कहना है कि हरदुआगंज के लिए रोडवेज बस से लेकर निजी बस और टेंपो आदि कई संसाधन हैं फिर भी वहां ई बस चलाई जा रही है लेकिन जलाली में रोडवेज और निजी बसें न चलने के बावजूद परिवहन विभाग ने ई बसों का संचालन बंद कर दिया।अमित कुमार सिंह का कहना है कि ई बसें शुरू हुई तो श्रेय लेने के लिए दो जनप्रतिनिधियों ने दो बार शुभांरभ किया। अब ई बसें बंद हैं तो शुरू कराने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है।
-प्रशासन जलाली के लिए परिवहन की व्यवस्था कराए। रोडवेज बसें चलें अथवा इलेक्ट्रिक बस, हमें केवल सुरक्षित सफर की सुविधा चाहिए। -ललितेश प्रसाद गौड़, जलाली
-रोजाना अलीगढ़ जाना-आना रहता है। ई बसें बंद हैं। सर्दी और कोहरे में टेंपो से जाने-आने में डर बना रहता है। ई बस में सुरक्षा का अहसास रहता था। -स्नेहा गोस्वामी, बीएससी छात्रा
-जलाली की जनता परेशान है लेकिन नेताओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। वोट लेकर जन समस्याओं को भूल जाना नेताओं की आदत बन गई है। -करिश्मा सैनी, बीएससी छात्रा
-परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सवारी कम होने का बहाना बनाकर ई बसें बंद करा दीं, जबकि कस्बे से लगभग पांच-छह सौ यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। -नव्या अग्रवाल