बृज रसिक जेएसआर मधुकर ने शुक्रवार की दोपहर शेखझील में टीले पर बैठकर शास्त्रीय भजन गायन किया। तुलसी का पौधा रोपने के बाद उन्होंने बैजू बावरा के राग तोड़ी से शुरुआत की। बताया कि अलीगढ़ स्वामी हरिदास की जन्म और कर्मस्थली है। उन्हीं की भक्ति अलीगढ़ खींचकर ले आई। स्वर संगीत प्रकृति को भी सुनना पसंद है, इसलिए प्रकृति और पक्षियों बीच भजन गायन का कार्यक्रम रखा। उन्होंने तानसेन, रसखान आदि के पद और भजन गाए। कार्यक्रम का आयोजन शेखा झील क्षेत्र विकास समिति (यूथ फॉर नेशन) की ओर से किया गया। संचालन एडवोकेट संतोष सिंह तथा संयोजक दिनेश सिंह ने किया। डॉ. गुनाकर, शिवकांति, प्रीती सिंह, राम बेटी, नीरज, मनोज, पुष्पेंद्र, शिवा मौजूद रहे।