चांदनेर के पूर्व प्रधान व बसपा नेता जगधीर सिंह बघेल की हत्या का राज पुलिस ने लगभग खोल दिया। उम्मीद है कि सोमवार को पुलिस इस हत्याकांड के राज से पर्दा उठा सकती है।
खास बात है कि इस हत्याकांड में खैर इलाके के रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखने वाले जिला पंचायत सदस्य पति की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध है। उसकी हत्या के वक्त मौके पर मौजूदगी के साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं। इस आधार पर पुलिस ने नामजद प्रधान सहित इस जिला पंचायत सदस्य पति व अन्य कई लोग हिरासत में ले लिए हैं। देर रात तक इनसे पूछताछ का क्रम जारी था। अभी पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है।
बीते माह 27 जून को चांदनेर के पूर्व प्रधान जगधीर सिंह बघेल की बाइक सवार हमलावरों ने गांव में ही सुबह-सुबह हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में गांव के मौजूदा प्रधान सुरेश, उसके बेटे सहित पांच लोग नामजद किए थे, जबकि चार अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। अब तक दो नामजद दिगंबर पुत्र सुरेश चंद्र प्रधान व श्योप्रसाद अदालत में सरेंडर कर चुके हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से बड़ी सफलता हासिल की है।
इस घटना के मास्टर माइंड, शूटर सहित कई लोग पुलिस ने हिरासत में ले लिए हैं। इनमें नामजद प्रधान व एक जिला पंचायत सदस्य पति भी हिरासत में होना बताया गया है। जिनसे पूछताछ जारी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस सोमवार को खुलासा कर सकती है। अब तक की जानकारी के अनुसार इस हत्याकांड को जेल में प्लान किया गया। बाकायदा सुपारी दी गई। इस पूरे गेम में जिला पंचायत सदस्य पति की भूमिका व उसकी हत्या के वक्त मौके पर मौजूदगी जगजाहिर हो रही है। इस संबंध में एसओ मो.असलम इतना ही बताते हैं कि कुछ लोग हिरासत में लिए गए हैं। उनकी मदद से मुख्य आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं। जल्द ही खुलासे की उम्मीद है।
खैर का रसूखदार परिवार पहले दिन से ही चर्चाओं में
इस घटना के बाद पहले ही दिन से खैर इलाके का एक रसूखदार परिवार चर्चाओं में था। इस चर्चा को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था। बताया गया है कि जिला पंचायत सदस्य पति उसी परिवार से ताल्लुक रखता है।
राजनीतिक शरणदाता को भी सामने लाए पुलिस : ठा.जयवीर सिंह
अलीगढ़। पूर्व कबीना मंत्री ठा.जयवीर सिंह ने पूर्व प्रधान जगधीर सिंह बघेल के हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने पर एसएसपी लव कुमार और उनकी टीम को बधाई देते हुये कहा कि उन्होंने इस कांड का खुलासा करते हुए अपराधियों को सामने लाकर इंसाफ और कानून की हिफाजत की है। इसके लिये पुलिस प्रशासन बधाई का पात्र है। कांड के अभियुक्तों के नाम उजागर होते ही अव तो यह सत्य है कि इनका शरणदाता कौन है..? वो किस राजनीतिक दल के कार्यकर्ता हैं..? उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि सफेदपोश अपराधियों के नाम भी जनता के सामने उजागर कर दें तथा उन पर कानूनी कार्यवाही करे ताकि अलीगढ़ में राजनीतिक हत्याओं पर नियंत्रण हो सके।