इससे साफ हुआ कि बिना किसी खरीद के आपूर्ति करना दिखाया गया है। इसकी पुष्टि गुरुद्वारा रोड की फर्म के पते पर मौके पर जाकर भी हुई। जहां आसपास के लोगों ने बताया कि न तो यहां इस नाम की कोई फर्म संचालित है। न इस नाम के किसी व्यक्ति को जानते और न यहां मेडिकल उत्पादों का कोई व्यापार होता है।
फर्म के पंजीकरण पर जो मोबाइल नंबर दर्ज है, वह भी बंद था। बावजूद इसके बाघेला भावेश जीना भाई ने अपनी फर्म की खरीद के आधार पर 12 करोड़ 37 लाख से अधिक की आईटीसी ले ली। इसी आधार पर फर्म स्वामी पर सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने फर्जीवाड़े व साजिश आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इससे पहले एक मुकदमा सिविल लाइंस में और एक सासनी गेट में भी दर्ज हुआ था। कागजों पर फर्मों द्वारा फर्जी तरीके से खरीद फरोख्त दिखाए जाने के मामले में लगातार जांच जारी है। इसी क्रम में शहर में फर्जी फर्म की खरीद फरोख्त व आईटीसी लेने का मामला पकड़ा गया। जिसमें मुकदमा दर्ज कराया गया है।-डॉ.एसएस तिवारी, अपर आयुक्त ग्रेड-वन
खरीद दिखाने वाली फर्में भी जांच के दायरे में
गुरुद्वारा रोड की इस फर्म से जिन फर्मों को माल की आपूर्ति दिखाई गई है। अब राज्य कर विभाग की टीम उन फर्मों को भी जांच के दायरे में ले रही है। उनके द्वारा कारोबार का संचालन कहां व कैसे किया जा रहा है। उन्हें इस फर्जी फर्म से माल की आपूर्ति दिखाई गई है तो उन्होंने कैसे इससे माल खरीदा है। इन सभी फर्मों का ऑनलाइन ब्योरा देखा जा रहा है। साथ में नोटिस जारी कर सवाल जवाब भी किए जाएंगे। ये भी इसी तरह की फर्म साबित हुईं तो कार्रवाई की जद में आएंगी।