उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा टैरिफ की जन सुनवाई करते विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष देश दीपक वर्मा
- फोटो : महीपाल सिंह
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की जन सुनवाई के दौरान उपभोक्ता संगठनों, व्यापारी संगठनों और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को जवाहर भवन के सभागार में आयोग के अध्यक्ष देश दीपक वर्मा के समक्ष बिजली की दरों और टैरिफ आदि पर सुझाव देने थे।
लेकिन वहां समस्याओं और शिकायतों का पिटारा ही खुल गया। बिजली विभाग के भ्रष्ट अवर अभियंताओं, उनकी मनमानी, उत्पीड़न की सीडी तक आयोग के अध्यक्ष को थमा दी गई। इसके अलावा मनमाने तरीके से नियमों का निर्धारण, समान की आपूर्ति में ब्लैक लिस्टेड फर्मों को शामिल कर लिया जाना, बिजली कनेक्शन न देना, प्रीपेड मीटर के लिए ही बाध्य करना जैसे कई मुद्दे आयोग के समझ रखे गए। हालत यह हो गई कि अधिकारियों के सामने ही शिकायतों का अंबार लग गया।
स्थानीय अधिकारी एक दूसरे का मुंह ताक रहे थे। नियामक आयोग की यह जन सुनवाई पहली बार अलीगढ़ में हो रही थी। इससे पहले आगरा या अन्य शहर में इस तरह का आयोजन होता था।