जलालपुर डी सेंटर में डिश का काम करने वाले दुलारे मियां ने आयोग से कहा कि उनके इलाके का अवर अभियंता राजीव गुप्ता उनका लगातार उत्पीड़न कर रहा है। उसे बिजली का कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है और उससे 35 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं।
दुलारे मियां ने राजीव गुप्ता की भ्रष्ट कार्यप्रणाली की एक सीडी भी अध्यक्ष देश दीपक वर्मा को सौंपी और मांग भी की कि इसे उनकी इजाजत से आयोग के समक्ष चलवा कर देखा जाए। दुलारे मियां ने बताया कि बसपा की सरकार में बिजली के खंभों पर तार जाने के लिए वह 10 हजार रुपये महीने दिया करते थे।
सपा सरकार के आने पर इसे समाप्त कर दिया गया। लेकिन जेई राजीव गुप्ता अभी भी इस रकम को वसूल रहे हैं। कुछ देर बाद एक विद्युत विभाग के लाइन मैन के बेटे ने भी जब राजीव गुप्ता के संबंध में शिकायत बतानी शुरू की तो मंच पर बैठे देश दीपक वर्मा ने चुटकी लेते हुए कहा रहने दीजिए हम इनकी तारीफ पहले ही बहुत सुन चुके हैं।
उन्होंने चीफ इंजीनियर बीएस गंगवार से इस बात के लिए नाराजगी जताई कि उन्होंने अपने स्तर से इस तरफ कार्रवाई क्यों नहीं की? उन्होंने आदेश दिया कि वह राजीव गुप्ता को आयोग में तलब करेंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर अगर कार्रवाई नहीं की तो यहां के कुछ बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जेई राजीव गुप्ता का ट्रांसफर एसई की जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा ने जन सुनवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह सभा टैरिफ प्रस्तावों पर सुझाव आमंत्रित करने के लिए की गई थी। लेकिन यहां पर शिकायतों का अंबार लग गया। यह स्थिति बहुत ही असंतोषजनक है।
जो भी शिकायतें यहां पर आई हैं और आरोप लगाए गए हैं, उनकी एक महीने में जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। इसके अलावा अवर अभियंता राजीव गुप्ता का ट्रांसफर गैर जनपद में किया जाएगा। साथ ही उसके ऊपर लगे आरोपों की जांच भी कराई जाएगी। इसके अलावा अधिशासी अभियंता यूसी वर्मा के मामले में भी जांच के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफार्मर फुंकने और उनका लोड न बढ़ने की काफी शिकायतें मिली हैं। इसको देखते हुए 1500 नए ट्रांसफार्मरों के लिए निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्री पेड मीटर की बाध्यता को समाप्त किया गया है।
सुझावों और शिकायतों के आधार पर ही अब जिस डेट से आवेदन किया गया है उस तारीख से नहीं बल्कि आवेदन के बाद जिस तारीख से मीटर लगा होगा, उसके अनुसार बिल का भुगतान किया जाएगा। शहर में 100 करोड़ रुपये की लागत से अंडर ग्राउंट केबल आदि के बिछाने का काम होना है।
इसके लिए 65 करोड़ रुपये मिल गए हैं। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इस अवसर पर आयोग के सदस्य एस के अग्रवाल, आईबी पांडे, डायरेक्टर टेक्नीकल एससी भारती आदि मौजूद थे।