बदलते समय के साथ हम भी बदल चुके हैं। कल की बागडोर अब अनुभवी लोगों के साथ युवाओं के हाथों में भी नजर आती है। भागती दुनिया के साथ अपनी रफ्तार बनाने के लिए सभी देशों में युवाओं की भागादारी अहम होने लगी है और ऐसे में भारत जैसे तेजी से विकसित होते देश में भी युवाओं ने ही सबसे ज्यादा साझेदारी देना शुरु कर दिया है। विकास की राह में इंटरनेट का स्थान अब बेहद अहम होने लगा है और भारत में अब युवा शक्ति भी इंटरनेट की ताकत को पहचान गया है।
किसी भी देश की विकास की दर जानने का सबसे अच्छा तरीका होता है उस देश में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी और वह देश किसी नई तकनीक का उपयोग करने में कितना ज्यादा सशक्त है। इंटरनेट एक ऐसी तकनीक बन कर उभर रहा है जो ऐसे कई कामों को करने में सक्षम है जो कल तक नामुमकिन ही लगते थे। और इसके द्वारा फायदे भी बहुत हैं आर्थिक और सांस्कृतिक दोनों ही।
कुंवर ग्लोबल पब्लिक स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर और समाजसेवी राजेश सिंह का कहना है कि कभी मौज-मस्ती और सिर्फ मनोरंजन के लिए इंटरनेट का प्रयोग करने वाला युवा आज बड़ा हो गया है। एक समय था जब हम युवाओं को हम इंटरनेट पर ज्यादातर मनोरंजन की साम्रगी सर्च करते देखते थे। लेकिन समय की बदलती हवा ने युवाओं को भी बदल दिया है, आज अधिकतर युवाओं को इंटरनेट पर जॉब सर्च, ट्रेडिंग या अन्य व्यावासायिक कार्य करते देखा जाता है।
कॉविड-19 ने हम सभी को नई नई परस्थितियों से अवगत कराया लेकिन साथ ही कई इनोवेशन से भी रूबरू कराया। अगर आज हम ऑनलाइन क्लास के जरिए बच्चों को पढ़ा रहे हैं या वर्क फ्रॉम होम करा रहे हैं, ये सब इंटरनेट से ही संभव हो पाया है। राजेश सिंह का कहना है कि आने वाला समय डिजिटल दुनिया का है और अब किताबी पढ़ाई के अलावा डिजिटल पढ़ाई की भी जरूरत है। अगर हम विकसित देशों से आगे निकलना चाहते हैं तो हम सभी को री-स्किल्ड होना होगा।