एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में पीजी कोर्स के दाखिले में आंतरिक कोटा खत्म करने तथा नीट की मेरिट के आधार पर नए सिरे से काउंसलिंग कराकर प्रवेश सूची जारी करने के हाई कोर्ट के आदेश को एएमयू सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। एएमयू एवं बीएचयू के छात्र भी चंदा जमा कर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए दिल्ली में डेरा जमाए है।
हाईकोर्ट ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्स में राज्य कोटे की सीटों पर नीट की मेरिट के आधार पर नए सिरे से काउंसलिंग कराकर प्रवेश सूची जारी करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही एएमयू द्वारा अलग कोटा बनाकर अपने ही एमबीबीएस छात्रों का पीजी कोर्स में दाखिला लेने की छूट संबंधी आदेश को भी रदद् कर दिया है।
एएमयू को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मंगलवार को एएमयू के अधिकारी हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखने गए थे। रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर का कहना है कि आज सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले की सुनवाई कल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में भी जाने पर विचार किया जा रहा है।
जेएन मेडिकल कॉलेज रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के सदस्य भी हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी में हैैै। उनके साथ बीएचयू के भी छात्र हैं। आरडीए पदाधिकारियों का कहना है कि वे लोग चंदा जमा कर चुनौती देंगे।
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में आंतरिक कोटा खत्म होने एवं नए सिरे से काउंसलिंग का आदेश जारी होने के बाद खलबली मच गई है। इसकी सूचना मिलते ही रात में आरडीए पदाधिकारी एवं सदस्य वीसी लॉज पहुंच गए। छात्रों का कहना है कि कुलपति ने आश्वासन दिया कि वह उनके साथ हैं।
एएमयू के अधिकारियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए भेज दिया गया है। मंगलवार को सुबह से ही मेडिकल संकाय के डीन एवं जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. अमानउल्ला खां के कार्यालय के सामने छात्र पहुंच गए। प्रो. अमानउल्लाह खां ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर विचार किया जा रहा है।