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मानसिक रोगी महिला के गायब होने में फंसा दरोगा

Fri, 23 Sep 2016 02:22 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो
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मानसिक रोगी महिला की तलाश छोड़कर क्वार्सी के दरोगा को छुट्टी जाना इतना भारी पड़ गया कि दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया। मैनपुरी की महिला के गायब होने को लेकर दरोगा पर आरोप है कि जब महिला उनके पास आई तो उसे नारी निकेतन के बजाय उसी महिला के घर रखवा दिया। अब परिचित महिला मानसिक रोगी महिला को लेकर गायब है। उसके अगले दिन से दरोगा भी अचानक छुट्टी लेकर चले गए।
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हालांकि पुलिस दरोगा पर लगे आरोपों को पहले ही दिन से झूठा करार दे रही है। वहीं महिला की तलाश के प्रयास जारी हैं। वाकया कुछ इस तरह है कि मैनपुरी कोतवाली क्षेत्र की रेलवे स्टेशन कॉलोनी निवासी कुंवरपाल के अनुसार उसकी 52 वर्षीय पत्नी उषादेवी मानसिक रोगी है और कैंसर से ग्रस्त है। 22 अगस्त को वह दिल्ली के साकेत मैक्स हॉस्पिटल जाते समय चांदनी चौक से भटक गई। वहां किसी तरह किशनपुर निवासी पायल के चंगुल में आ गई। पायल ऊषा को लेकर अलीगढ़ आ गई।
यहां किशनपुर स्थित भगवती के मकान में आठ-दस दिन तक बंधक बनाकर रखा। किसी तरह ऊषा मौका पाकर कमरे से बाहर निकली और पड़ोसियों को आपबीती बता दी। शक होते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर दिया। सूचना मिलते ही क्वार्सी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस दोनों महिलाओं को थाने ले गई। आरोप है कि वहां से दरोगा अशोक कुमार ने ऊषा को पायल की ही सुपुर्दगी में दे दिया, जबकि ऊषा को नारी निकेतन नहीं भेजा गया। खबर मिलते ही बीते शनिवार को कुंवरपाल मैनपुरी से अलीगढ़ आ गए। परिजन दरोगा को साथ लेकर पायल के घर किशनपुर पहुंचे तो पता चला कि वह महिला को लेकर लापता हो गई।
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अगले दिन दरोगा अशोक कुमार भी छुट्टी चले गए। अब दरोगा पर इस बात को लेकर संदेह जताया गया कि अचानक वह छुट्टी क्यों चले गए। मामला एसएसपी तक पहुंच गया। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने दरोगा अशोक कुमार और महिला पायल समेत तीन के खिलाफ  मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वैद्य की पुड़िया खाई दरोगा की हालत बिगड़ी
महानगर के भमोला चौकी इंचार्ज ने पेट दर्द होने पर एक वैद्य द्वारा दी गई पुड़िया खा ली, जिससे उनकी तबियत सुधरने के बजाय हालत और बिगड़ ज्यादा गई। उन्हें एक निजी नर्सिंग होम में भरती कराना पड़ गया। डॉक्टर ने पाया कि उन्हें फूड प्वाइंजनिंग हुई है। वहीं दरोगा ने बाबा के खिलाफ  सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है।
भमोला चौकी इंचार्ज केपी सिंह पिछले पांच छह दिन से पेट दर्द से परेशान थे।
इसी दौरान उनकी मुलाकात पुलिस लाइन में आने वाले गाजियाबाद के एक वैद्य से हुई। जिन्होंने पेट दर्द की देशी दवा बताते हुए दरोगाजी को दे दी। उस दवा कर विश्वास करते हुए दरोगा ने दो पुड़िया ले लीं। जिसमें से एक बुधवार सुबह खा ली। पुड़िया खाते ही दरोगा की हालत बिगड़ गई।
गंभीर अवस्था में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दवा में पॉइजनिंग का प्रभाव था। इसके चलते हालत बिगड़ी थी। दरोगा की हालत में सुधार होने पर दरोगा ने नरेंद्र उर्फ  महाराज निवासी गाजियाबाद के खिलाफ  सिविल लाइंस में तहरीर दे दी है। यह बाबा लंबे अरसे से पुलिस लाइन व आस-पास के क्षेत्रों में आता है।
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