फ्रंटलाइन वर्करों को लगेगा टीका
लखनऊ से मिले निर्देशों के तहत इन्फ्लुएंजा के मरीजों की जांच और उपचार में लगे फ्रंटलाइन वर्करों के टीकाकरण की तैयारी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज और जिला स्तरीय अस्पतालों में मरीजों के सीधे संपर्क में आने वाले नर्सिंग स्टाफ समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाने की व्यवस्था की जाएगी। एडी हेल्थ डॉ. मोहन झा ने बताया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार संक्रमण की रोकथाम और उपचार की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
बुजुर्गों और बच्चों पर ज्यादा नजर
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी में 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अधिक जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है। ऐसे लोगों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर विशेष निगरानी और समय से उपचार के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार देने को कहा गया है। अपर निदेशक, स्वास्थ्य डॉ. मोहन झा ने बताया कि इन्फ्लुएंजा का संक्रमण अलग-अलग लोगों में अलग अवधि तक रह सकता है। इसलिए लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतने और चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
फ्लू में कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
- सामान्य लक्षण: बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द और बदन दर्द।
- खतरे के संकेत: सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, बहुत तेज सांस चलना, नीलापन या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो देरी न करें।
- संक्रमित होने पर: दूसरों से दूरी रखें और अपनी इस्तेमाल की वस्तुएं साझा न करें।
- कौन ज्यादा जोखिम में: छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग।