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कोने में कबाड़ हो रहे सिलिंडर: फिर बहुरे चूल्हे के दिन, मस्त जी रहे गैस के बिन

Sat, 18 Mar 2023 05:00 PM IST
चमन शर्मा दिगम्बर सिंह, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

गैस सिलिंडर महंगा होने के कारण तीन-चार महीने में एक बार भरवा लेते हैं। अब चूल्हे का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। गैस सिलिंडर भरकर कोने में रख दिया जाता है कि जब घर पर कोई रिश्तेदार आएगा या कोई शादी-ब्याह होगा, तभी उपयोग में लाया जाएगा।
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रसोई गैस मंहगी होने से धूल फांक रहे गैस सिलैण्डर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गांव में फिर चूल्हे के दिन बहुरने लगे हैं, गैस सिलिंडर कबाड़ होकर कोने में पड़े हुए हैं। बहुत से घरों में गैस सिलिंडर भरकर कोने में रख दिया जाता है कि जब घर पर कोई रिश्तेदार आएगा या कोई शादी-ब्याह होगा, तभी उपयोग में लाया जाएगा। गैस सिलिंडर के बढ़ते दाम से उज्जवला योजना के लाभार्थियों के घरों में फिर से चूल्हे जलने लगे हैं। हाल यह है कि इस योजना के 50 फीसदी लाभार्थियों ने सिलिंडरों को भरवाना बंद कर दिया है।

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बता दें कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत लाभार्थियों को गैस सिलिंडर, चूल्हे, रेगुलेटर समेत अन्य सामान वितरित किया गया था। उस समय गैस सिलिंडर की कीमत 568 रुपये थी और उसमें उज्जवला योजना के लाभार्थियों को सिलिंडर के दाम के हिसाब से सब्सिडी भी दी जाती थी। उज्जवला योजना से गैस सिलिंडर व चूल्हा मिलने के बाद घरों में चूल्हे जलने बंद हो गए थे और गैस का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। उसके बाद से लगातार घरेलू गैस सिलिंडरों के दाम बढ़ते जा रहे है। अब सिलिंडर के दाम 1100 रुपये तक पहुंच गए और इस समय गैस सब्सिडी मिलना बंद हो गयी है। लाभार्थियों ने गैस सिलिंडर को भरवाना बंद कर दिया है और अधिकतर दोबारा से चूल्हे का इस्तेमाल करने लगे हैं।
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चूल्हे पर फिर से खाना बनाना  किया शुरू कर दिया 
गैस सिलिंडर जब मिला था, तब साढ़े पांच सौ रुपये में भर जाता था और उनमें भी 200 रुपये से ज्यादा वापस मिल जाते थे। अब 1100 रुपये का इंतजाम कैसे करें, इसलिए जंगल से लकड़ी लाकर व उपले से चूल्हा जलाकर खाना बना लेते हैं।

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कैसे भरवाएं इतना महंगा गैस सिलिंडर 

हमारे परिवार के सभी लोग मजदूरी करते हैं। गैस सिलिंडर खाली होने पर भरवाने के लिए कई दिन तक रुपये इकट्ठे करने पड़ते थे। अब सिलिंडर महंगा इतना हो गया कि कहां से भरवाए, अब फिर से चूल्हा जलाना शुरू कर दिया है। 

गैस सिलिंडर महंगा, उपले सस्ते 
गैस सिलिंडर महंगा होने के कारण तीन-चार महीने में एक बार भरवा लेते हैं। अब चूल्हे का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। गैस सिलिंडर में जितने रुपये देने पड़ते है, उससे कम में उपले खरीदकर काम चल जाता है।



काफी कम लाभार्थी भरवा रहे सिलिंडर 
गैस सिलिंडर महंगा होने के बाद खपत में कमी आई है। मेरी एजेंसी पर प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के 1500 लाभार्थी जुड़े हैं, जिसमें से 50 फीसदी से ज्यादा ने गैस सिलिंडरों को भरवाना बंद कर दिया है। -एचपी गैस एंजेसी संचालक

दाम बढ़ने से कम हो गए सिलिंडर भरवाने वाले 
गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से खपत में कमी आई है तो सिलिंडर भरवाने वाले भी कम हो गए है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के 450 लाभार्थी मेरी एजेंसी से जुड़े हैं, जिनमें से 60 फीसदी लाभार्थी गैस सिलिंडर नहीं भरवा रहे हैं।- भारत गैस एजेंसी संचालक
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