अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) की महायोजना 2031 में अलीगढ़ एयरपोर्ट के निकट 110 हेेक्टेयर जमीन को औद्योगिक जोन के लिए चिन्हित किया गया है। यहां पर उद्योगों को स्थापित करने के लिए भू उपयोग परिवर्तित किया जा रहा है। अलीगढ़ एयरपोर्ट और शहर से गुजरने वाले सभी हाईवे इस औद्योगिक जोन से जुड़ रहे हैं। इसलिए यहां से माल की आवाजाही आसानी से होगी। इसलिए एडीए ने इसको औद्योगिक जोन के लिए आरक्षित किया है।
शहर में भूमि की कमी होने के बाद नए उद्योगों को यहां जमीन दी जाएगी। यह भूमि अलीगढ़- कानपुर, जीटी रोड, हाईवे पर अलीगढ़ एयरपोर्ट से कानपुर की ओर बढ़ने पर है। इसके आसपास खानगढ़ी, किशनगढ़ी, निजामतपुर, बोरना, बौनेर आदि गांव पड़ते हैं। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र का इलाका बौनेर और किशनगढ़ी के सामने वाली भूमि पर प्रस्तावित है, जो खानगढ़ी और निजामतपुर बोरना से सटी हुई है। यहां पर नए उद्योगों को जमीन देने के लिए खाका खींचा जा रहा है।
एयरपोर्ट और हाईवे से जुड़ा है पूरा इलाका
अलीगढ़ एयरपोर्ट से उड़ान योजना के तहत लखनऊ और आजमगढ़ की हवाई यात्रा शुरू हो चुकी है। निकट भविष्य में यहां अयोध्या, मुरादाबाद से जेवर एयरपोर्ट और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली तक छोटी दूरी की सेवाएं शुरू होने की भी संभावना है। इसी इलाके से गुजर रहा फोरलेन जीटी रोड, हाईवे, गाजियाबाद से कानपुर तक बन चुका है। इस हाईवे पर गाजियाबाद की ओर बढ़ते ही अलीगढ़-आगरा हाईवे, अलीगढ़-मथुरा रोड, अलीगढ़-पलवल हाईवे, अलीगढ़-मुरादाबाद हाईवे मिल जाता है। प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस भी अलीगढ़-पलवल हाईवे के जरिये इससे जुड़ा रहेगा। ट्रांसपोर्ट नगर अलीगढ़-पलवल हाईवे पर बन रहा है। जिससे उद्यमियों को कानपुर, गाजियाबाद, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, पलवल, गुरुग्राम तक माल भेजने की सुविधा आसानी से मिलेगी।
महायोजना 2031 में शहर की तस्वीर बदलने के लिए एडीए ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। योजना के अनुसार ही एयरपोर्ट व हाईवे के पास औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाएगा। ताकि इसका यहां के नागरिकों को लाभ मिल सके।-अपूर्वा दुबे, उपाध्यक्ष, एडीए