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एलाना ग्रुप में आयकर की जांच जारी, 15 हजार करोड़ रुपये के आसपास है पूरे ग्रुप का टर्नओवर

Sat, 05 Jan 2019 12:36 AM IST
Vikas Kumar न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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छापे के दौरान फैक्ट्री के बाहर पसरा सन्नाटा। - फोटो : Rupesh
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फ्रिग्रेरियो कन्जर्वा एलाना प्राइवेट लिमिटेड की अलीगढ़ में संचालित फैक्ट्री में आयकर विभाग मुंबई की टीम का छापा शुक्रवार देर रात तक जारी है। कारण ये है कि मुंबई स्थित कंपनी के मुख्यालय और देश भर में कई अन्य ठिकानों में काम पूरा होने के बाद ही इस छापे को हर जगह एक साथ खत्म किया जाएगा। अन्यथा की सूरत में अधिकारियों की टीम सभी ठिकानों पर मौजूद रहेगी। मुंबई से छापा कार्रवाई के पूरा होने की खबर का इंतजार शुक्रवार देर रात तक हुआ।
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अधिकारियों को सभी कामों के निर्देश भी सीधे मुंबई से मिल रहे थे। उन्हीं पर अमल हो रहा था। आयकर के स्थानीय अधिकारियों की मानें तो शनिवार दोपहर बाद ये कार्रवाई पूरी होने की उम्मीद है। अन्यथा जांच और लंबी खींच सकती है। 
लगभग 15 आयकर अधिकारियों की टीम मुंबई से मिले निर्देशों के अलीगढ़ में खरीदे जाने वाले कच्चे माल, बनवाने का खर्च, बेचने के बाद हुई आय के सभी कागज और अपने रिकार्ड मिला रहे हैं।
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कहा ये भी जा रहा है कि एडवांस टैक्स कम जमा होने के कारण ही इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। वहीं स्थानीय फैक्ट्री से जुड़े लोगों का तर्क है कि गुजरे वर्षों में इस कारोबार में आई गिरावट के बाद ही एडवांस टैक्स कम जमा हुआ है। मुंबई से मिली सूचनाओं के आधार पर स्थानीय स्तर पर कागजों की पूरी और गहन जांच हुई है। इसके साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। अलीगढ़ की फैक्ट्री की रिटर्न और एडवांस टैक्स भी जांचा गया है।

टीडीएस की भी जांच हुई है। सभी कागजों को टीम अपने साथ मुंबई ले जाने की तैयारी कर रही है। वहां पर जांच के बाद आंकड़े मिल जाएंगे। इसके बाद कंपनी पर आयकर का बकाया जोड़ा जाएगा। जिसके बाद ही जुर्माना और अन्य विधिक कार्रवाई अमल में आएगी। जिसमें कुछ दिनों का वक्त लग सकता है।

फैक्ट्री के ऑफिस में मिले सभी कंप्यूटर खंगाले गए और हार्डडिस्क से डाटा निकाला गया है। कुछ हार्ड डिस्क अधिकारी साथ ले जा रहे हैं। कंपनी के अलीगढ़ में संचालित बैंक अकाउंट का डाटा एकत्र किया गया है। इस कंपनी को पशुओं की आपूर्ति करने के मामले में भी पूछताछ की गई है। 

ब्रिटिश काल में सन् 1865 से संचालित इस ग्रुप का वर्तमान में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर है। जिसमें अलीगढ़ की फैक्ट्री का कारोबार लगभग 1700 करोड़ रुपये प्रति वर्ष के आसपास है। यहां पर संचालित फैक्ट्री की दो यूनिटे हैं। जिसमें बफैलो मीट और उसके कई उत्पाद बनते हैं। दोनों यूनिट आसपास है। इसके बहुत बड़े परिसर में कर्मचारियों के लिए आवासीय कालोनी भी बनी है।

यहां से बफैलो मीट के 25 किलो के पीस बड़ी मात्रा में निर्यात होते हैं। इसके अलावा बफैलो मीट के अलग अलग हिस्से भी आर्डर के अनुसार तैयार कर विदेशों में भेजे जाते हैं। 25 किलो के पीस में कोई हड्डी नहीं होती हैे। मीट के अलावा पालतू जानवरों के खाने के लिए दाना और दूसरे प्रोडक्ट भी यहां बनते हैं। ग्रुप अपने पैकिंग मैटीरियल भी यहीं अलीगढ़ की फैक्ट्री में बनाता है।

कुछ दिन पहले तक एक स्थानीय फैक्ट्री भी इस ग्रुप के पास लीज पर थी। जिसका काम इस ग्रुप की देखरेख में हो रहा है। एलाना ग्रुप से जुड़े हुए लोगों का कहना है कि वर्ष 2014-15 में भी इस ग्रुप के केरल में संचालित केरला हाउस में जांच हुई थी।  एलाना ग्रुप में आयकर की जांच और छापे से दूसरी मीट इंडस्ट्री के संचालकों में भी खलबली मची हुई है। गुरुवार और शुक्रवार को पूरे दिन दूसरी फैक्ट्रियों के मालिक भी टोह लेते रहे। अलीगढ़ में वर्तमान में इस कारोबार की सात बड़ी इकाइयां संचालित हैं, ये भी मथुरा बाईपास रोड के इर्दगिर्द हैं। 
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