होली पर जिले में झगड़े फसाद भी खूब हुए। इस बार यह जरूर गनीमत रही कि महानगर में कोई ऐसी अप्रिय घटना नहीं हुई, जिस पर पुलिस को दौड़ लगानी पड़ गई हो। हां, तुर्कमान गेट व आईटीआई रोड पर जरूर मामूली कहासुनी में ईंट-पत्थर चल गए। मगर देहात इलाकों में पुलिस को फजीहत तक झेलनी पड़ गई। लोधा के बुलाकीपुर में तो पुलिस को दौड़ा दिया गया। बाद में कई थानों के फोर्स ने पहुंचकर माहौल को मैनेज किया। मडराक के आर्य नगर में जातीय संघर्ष के बाद एक पक्ष ने थाने का घेरावकर हंगामा किया।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तुर्कमान गेट पर एक ही पक्ष के दो युवक पतंग उड़ा रहे थे। इनमें किसी बात पर विवाद के दौरान ईंट पत्थर चल गए। खबर पर पुलिस भी पहुंच गई। मगर पुलिस के पहुंचने से पहले मामला मैनेज कर लिया गया। बन्नादेवी इलाके की बरौला से सटी इस बस्ती में एक पक्ष के यहां महिलाएं होली खेलने आई थीं। इस पर कुछ मोहल्ले के लोग यह समझ बैठे कि होली पर यहां बाहर से लड़कियों को बुलाया है।
इस बात पर टोकाटाकी के चलते दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ और ईंट-पत्थर चले। एक रिटायर्ड दरोगा तक जख्मी हो गए। मगर पुलिस के आने पर दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। गांधीपार्क के रेलवे रोड पर मामू भांजा को जाने वाली गली के बाहर से कुछ महिलाओं पर रंग गिरने पर हंगामी स्थिति बन गई। खबर पर पुलिस व इलाके के कुछ संभ्रांत लोग आ गए।
उनके समझाने पर मामला मैनेज हुआ। महानगर के सिविल लाइंस के जमालपुर इलाके में नाली के विवाद में बृहस्पतिवार को ही पथराव फायरिंग की खबर पर पुलिस दौड़ पड़ी। मगर मौके पर पहुंचने पर पता चला कि शराबी आपस में झगड़ बैठे थे। मोहल्ले के लोगों ने उन्हें डांटकर भगा दिया। किसी ने नशे में झूठी सूचना दे दी।
क्वार्सी के रामघाट रोड पर निरंजनपुरी के पास नशे में धुत हुरियारों ने राह चलते लोगों से अभद्रता कर दी। इस बात को लेकर कहासुनी हुई। खबर पर पुलिस आ गई और मामला शांत करा दिया। क्वार्सी के ही किशनपुर में होली खेलने के दौरान दोपहर में इलाके के पार्षद दिवाकर पर रंग डाल दिया। उन्होंने ऐतराज जताया तो वहां मारपीट हो गई। दिवाकर का आरोप है कि उनके कपड़े फाड़ते हुए जंजीर आदि लूट ली गई। एसओ के अनुसार तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।