अब बाइक-स्कूटी से जनता के बीच पहुंच रहे विधायक
कोल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अनिल पाराशर, शहर विधानसभा से विधायक मुक्ता राजा, छर्रा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रवेंद्र पाल सिंह ने इलाकों में भ्रमण के लिए अपनी लग्जरी गाड़ियों का काफिला छोड़ दोपहिया वाहन स्कूटी आदि का सहारा लेना शुरू कर दिया है। विधायक अनिल पाराशर ने बताया कि उनके लिए स्कूटी की सवारी कोई नई बात नहीं है। विधायक बनने से पहले भी वह अक्सर अपनी स्कूटी से ही शहर का भ्रमण किया करते थे।
शहर विधायक मुक्ता राजा ने बृहस्पतिवार को क्षेत्र में स्कूटी से भ्रमण किया और जनता की समस्याओं को सुना। छर्रा विधानसभा से विधायक ठा. रवेंद्र पाल सिंह कहते हैं कि उन्होंने अपने वाहनों की संख्या सीमित कर दी है। अब सिर्फ लंबी दूरी की यात्राओं के लिए केवल एक अनिवार्य गाड़ी का ही प्रयोग किया जा रहा है। क्षेत्र में भ्रमण के लिए बाइक का प्रयोग किया जा रहा है।
वादकारियों ने भी पकड़ी ई-रिक्शा की राह
वकीलों के साथ-साथ कोर्ट आने वाले वादी और प्रतिवादी (क्लाइंट्स) भी इस मुहिम से जुड़ रहे हैं। कई लोगों ने अपने निजी वाहनों को घर पर खड़ा कर सार्वजनिक परिवहन और ई-रिक्शा का रुख किया है। तालसपुर खुर्द निवासी मो. गुफरान ने बताया, मैंने अपनी गाड़ी घर पर खड़ी कर दी है। तारीख पर ई-रिक्शा से आया हूं। मो. जावेद ने कहा कि गाड़ियां घर पर छोड़ दी हैं। अब कोर्ट ही नहीं, अन्य जरूरी कामों के लिए भी हम ई-रिक्शा का ही इस्तेमाल करेंगे।
अब एक ही गाड़ी में दिखेंगे अफसर
अलीगढ़ डीएम अविनाश कुमार ने अपील की है कि अधिकारी दफ्तर आने-जाने, फील्ड विजिट या किसी सरकारी कार्यक्रम के लिए अलग-अलग गाड़ियों के बजाय साझा वाहनों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि एक ही दिशा या आसपास रहने वाले अधिकारी एक ही गाड़ी का उपयोग कर कार्यालय पहुंचें। जहां जरूरी न हो, वहां अधिकारियों को भागदौड़ के बजाय ऑनलाइन माध्यम से समीक्षा बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं।
50 अफसरों संग डीएम ने की ऑनलाइन बैठक
ईंधन बचत के सीएम-पीएम के आह्वान का जिले में भी असर देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार को डीएम ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित की, जिसमें देहात से संबंधित 50 से ज्यादा अफसर ऑनलाइन शामिल किए गए। बैठक में देहात के सभी 16 चिकित्सा अधीक्षक, 12 ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, 12 ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर व संचारी रोग नियंत्रण-दस्तक अभियान के अधिकारियों को ऑनलाइन शामिल किया गया।
एएमयू में ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन बैठक की तैयारी
एएमयू में ऑफलाइन बैठकें हो रही हैं। भविष्य में जरूरत पड़ी तो कुछ बैठकें ऑनलाइन हो सकती हैं। यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्रो. आसिम जफर ने बताया कि ऑनलाइन बैठक होने को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है। उधर, हॉस्टल में खाद्य तेल का कम इस्तेमाल करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।