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अलीगढ़: 52 अवैध कालोनियां बसाने कॉलोनाइजरों पर दर्ज होगा मुकदमा

Thu, 10 Oct 2019 03:44 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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अवैध कॉलोनी - फोटो : सोशल मीडिया
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शहर में बसी 52 अवैध कालोनी को बसाने वाले कालोनाइजर अब जल्द ही मुकदमा झेलेंगे। इसमें शहर के कई रसूखदार लोग, नेताओं के खास आदमी शामिल हैं। नियमानुसार एडीए ने इन कालोनाइजर को नोटिस देकर जवाब मांगा था, लेकिन एक भी जवाब नहीं मिला। अब एडीए ने एक बार और सर्वे करा कर इनकी वर्तमान स्थिति जान ली है।

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इनको एक बार फिर से नोटिस देकर पंद्रह दिन का समय दिया जा रहा है। 25 अक्तूबर तक ये नोटिस की अवधि पूरी होगी। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। ये मुकदमे अब दीपावली के बाद नवंबर तक हो पाएंगे। एडीए इसके लिए अधिवक्ताओं से राय ले रहा है कि इनके खिलाफ किस किस धारा में मुकदमा दर्ज किया जाए।

प्राधिकरण के सचिव डीएस भदौरिया के अनुसार अर्बन प्लेनिंग एक्ट की धारा 26 के तहत सीजीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।पूर्व में भेजे गए नोटिस का किसी ने जवाब नहीं दिया है। न ही किसी कालोनी के लोगों ने इसको नियमित करने का कोई प्रस्ताव भेजा है। ऐसे में अब कार्रवाई करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
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ऐसे बसती रहीं अवैध कालोनियां

शहर में 1981 से 2009 के बीच धड़ल्ले से अवैध कालोनी बसीं। बिल्डर्स और कालोनाइजर्स ने एडीए की नाक के नीचे गोरखधंधा कर करोड़ों रुपये कमाए। इन कालोनियों का कोई भी लेआउट व नक्शा प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत नहीं कराया गया। 2009 में एडीए इन अवैध कालोनियों के खिलाफ जागा और शहर भर की कालोनियों की जांच पड़ताल हुई।

जिसमें 52 कालोनियां अवैध निकलीं। इसके बाद से ही इन कॉलोनियों को बसाने वाले बिल्डर्स और कालोनाइजर्स पर कार्रवाई होने की चर्चा होती रही, लेकिन हुआ कुछ नहीं। शासन की मंशा के अनुसार कालोनियों को नियमित कराने का भी प्रयास विफल रहा। इसकी बड़ी वजह ये थी कि प्राधिकरण द्वारा तय किए गए विकास शुल्क के देय के लिए कालोनीवासी राजी नहीं हुए और न ही नियमानुसार कालोनी के 50 फीसदी वाशिंदों ने कालोनी को वैध करने की लिखित तौर पर अनुमति मांगी।

जिससे मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसी बीच विधान परिषद में एमएलसी जगवीर किशोर जैन ने अवैध कालोनियों को नियमित किए जाने के संबंध में प्रश्न उठाया। इसके बाद विधान परिषद की आश्वासन समिति ने इस मुद्दे पर पर निगाह डाली और प्रमुख सचिव आवास विकास को आदेश दिया कि इन सभी कालोनियों को विकसित करने वाले बिल्डर व कालोनाइजर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

यह कालोनियां घोषित की गईं अवैध

पंच नगरी, गोमती नगर, साकेत विहार, प्रयाग विहार, तिरुपति बिल्डर्स द्वारा निर्मित कालोनी, श्रीधाम कालोनी, विष्णु धाम, स्वर्ण नगरी, प्रिंस नगर, संत नगर, रामप्यारी विहार, केशव विहार, राधिका विहार, सुरक्षा विहार के सामने जीटी रोड, सुदर्शन नगर, हमदर्द नगर, ग्रीन एनक्लेव, गुलमोहर पार्क, सागर अपार्टमेंट कालोनी, रियाजउद्दीन कालोनी, सपना कालोनी, सन सिटी कालोनी, फोर्ट सिटी, दारुल सलाम कालोनी, गून प्लेस कालोनी, अलीनगर, अब्दुल्ला नगर पूर्व कालोनी, अब्दुल्ला नगर पश्चिम कालोनी, सबरी गार्डन कालोनी, गरीब नवाज कालोनी, निशांत बाग कालोनी, आलमबाग कालोनी, गुलमार्ग कालोनी, इंजीनियर एवं कर्मचारी सहकारी कालोनी, राजीव नगर, टीचर्स कालोनी, राज्य कर्मचारी कल्याण निगम कालोनी, शंकर विहार, राज विहार, कृष्ण विहार, नंदन वन, शिवधाम आवासीय कालोनी, खेरेश्वर धाम आवासीय कालोनी, विजय विहार, कृष्णा नगर, रामदास नगर, सूर्य सरोवर, राज्य कर्मचारी लोक सहकारी आवास समिति, आरके पुरम, शांति पुरम, लोधीपुरम, विवेक विहार विस्तार कॉलोनी।

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