कभी रीजनल ऑफिस के अंतर्गत चलने वाले स्टडी सेंटर टीकाराम डिग्री कॉलेज में अब रीजनल ऑफिस चल रहा है। यहां एक कमरे में क्षेत्रीय कार्यालय संचालित हो रहा है। इस एक कमरे में ही क्षेत्रीय निदेशक, एक स्थायी सहायक और दो दैनिक सहायक बैठकर काम करते हैं। इस एक कमरे में ही कार्यालय सबंधित रिकोर्ड रखा जाता है। कमरे भी ऐसी गिरासू हालत में हैं कि छत का प्लास्टर उखड़ रहा है। कभी क्षेत्रीय कार्यालय एक बिल्डिंग के कई कमरों में संचालित होता था। क्षेत्रीय निदेशक, सहायक क्षेत्रीय निदेशक, एआर, सहायकों, रिसेप्सन, किताबों के लिए अलग-अलग कमरे थे। अब तो एक कमरे में ही गुजारा करना पड़ रहा है।
इन्क्ववायरी ऑफिस बन कर रह गया है रीजनल ऑफिस
एक कमरे में चल रहा इग्नू का रीजनल आफिस आज इन्क्ववायरी ऑफिस बन कर रह गया है। स्टूडेंट्स यहां आकर एक कमरे में आफिस देख कर दंग रह जाते हैं। कम कर्मचारी के कारण क्षेत्रीय निदेशक को भी कई ऑफिशियल काम स्वयं ही करने पड़ते हैं।
कम खर्च के चक्कर में कम हो रही इग्नू की छवि
इग्नू के क्षेत्रीय कार्यालय की इस हालात की पीछे खर्च में घटौती करना बताया जा रहा है। जहां मैरिस रोड पर यह कार्यालय 80 हजार के लगभग की बिल्डिंग में था, वहीं आज दो हजार के लगभग किराए पर एक कमरे में चल रहा है। खर्चा तो कम हो गया परंतु जो स्टूडेंट्स इग्नू से जुड़ी जानकारी करने यहां आते हैं, तो एक कमरे में चल रहे रीजनल ऑफिस को चलता देख, उनके दिमाग में इग्नू की छवि कुछ और ही बनती होगी। एक कमरे में इग्नू के रीजनल ऑफिस के चलने के कारण जानने के लिए रीजनल सर्विस डिवीजन, दिल्ली के निदेशक डॉ यूसी पांडे से संपर्क किया गया, परन्तु बात नहीं हो पाई।