फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ः वोट चाहिए तो जाम व गंदगी से दिलाएं मुक्ति

विज्ञापन
रामलीला मैदान स्थित चाय की दुकान परचुनाव को लेकर चर्चा करते लोग। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
जनप्रतिनिधि आज तक शहर को जाम और गंदगी से मुक्त नहीं बना सके हैं। सफाई अभियान चलता है। नो पार्किंग में चालान काटे जाते हैं। लेकिन जाम से निजात के लिए आज तक कोई ठोस काम नहीं हुआ है। नेता और सरकारें आती-जाती रहीं है, लेकिन शहरवासियों की वास्तविक समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यह कहना था रामलीला मैदान के सामने चाय की दुकान पर लोगों का। लोगों ने कहा कि कई सरकारों में काम तो हुआ। लेकिन अभी कसर बाकी है। नेताओं को वोट लेना है तो पहले इन समस्याओं पर गौर करना होगा।
विज्ञापन

सासनीगेट निवासी जतिन वार्ष्णेय ने कहा कि सरकार जो भी बने, वह छात्र हितैषी हो, जबकि जाम और गंदगी से शहर को निजात दिलाने वाला नेता चाहिए। अचलताल निवासी अजय कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि अधिकारी साफ सफाई नहीं करा पा रहे हैं। विधायकों की अधिकारी सुन नहीं रहे हैं। विजयगढ़ के पप्पू यादव ने कहा कि गांवों अभी भी सड़क, नाली और खड़ंजे की समस्या है। ग्रामीण परेशान रहते हैं। वहां अभी भी काम की दरकार है। बघियार विजयगढ़ निवासी मुकेश यादव ने बताया कि गोशाला में गाय पहुंचाई गईं, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। गोवंश फिर से फसलें बर्बाद कर रहे हैं।
अचलताल निवासी विनोद कुमार सैनी ने कहा कि शहर में सबसे ज्यादा गंदगी है। जाम भी लगा रहता है। सुभाष चंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि शहर की सड़कें 70 साल पुरानी हैं। जबकि यातायात 20 गुणा बढ़ गया है। संभल के चकरपुर मेमड़ी निवासी स्वराज ने कहा कि मोदी सरकार ने केसीसी ऋण पर छूट दी थी। मगर प्रबंधक ने कहा, 13 हजार रुपये लाओ, ऋण चुकता हो जाएगा। रामघाट रोड की एडीए कॉलोनी निवासी हर्ष भारद्वाज ने कहा कि जाम की समस्या सबसे ज्यादा है। इलेक्ट्रिक बस के चलने के बाद टेंपो हटा दिए जाएं तो राहत मिलेगी। जितेंद्र सोनी ने कहा कि साफ-सफाई में कुछ सुधार हुआ है। सभी ने एक राय में कहा कि जाम और गंदगी से मुक्त कराने वाला नेता चाहिए। उसी को वोट दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें