चुनाव के दौरान प्रत्याशी और उनके साथ रहने वाले टीम के पास दो लाख रुपये तक की नकदी रह सकती है। इससे अधिक की नकदी मिलने पर उससे संबंधित कागज होना जरूरी है, अगर कागज नहीं हुए तो नकदी जब्त की जा सकती है। नगर निगम क्षेत्र के लिए छह उड़नदस्ता टीम एवं 10 स्थायी निगरानी टीमें लगाई गई हैं। प्रत्येक नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्र के लिए एक-एक उड़नदस्ता एवं स्थायी निगरानी टीम की तैनाती की गई है। उड़नदस्ता टीमें निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण अनुदेश पुस्तिका में दिए गए अनुदेशों के अनुसार कार्य करेंगी। निर्वाचन क्षेत्र के तहत संचालित उड़न दस्ते नकदी के अवैध लेनदेन, शराब वितरण और प्रलोभन देने का पता लगाएंगे। उड़नदस्ता टीम में एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सशस्त्र पुलिस बल और एक वीडियोग्राफर होगा। नकदी या सामान की जब्ती के लिए एक वाहन, मोबाइल फोन, एक वीडियो कैमरा और अपेक्षित पंचनामा दस्तावेज दिए जायेंगे। यह टीम चेकपोस्ट बनाकर जांच करेगी। टीम संदेहास्पद वस्तु या शस्त्रों आदि की आवाजाही पर भी निगरानी रखेगी। यदि किसी व्यक्ति के पास दो लाख से अधिक नकदी पाई जाती है और मौके पर अभिलेख प्रस्तुत न करने की दशा में उसकी जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
बृहस्पतिवार को जिला निर्वाचन अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण कार्य के लिए विधानसभावार उड़नदस्ता प्रभारी (एफएसटी) की नियुक्ति की गई है। ये टीम दावेदारों को प्रतीक चिन्ह आवंटन के साथ ही निर्वाचन की समाप्ति तक खर्च पर नजर रखेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने नियुक्त समस्त पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और सुसंगत धाराओं कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बताया कि व्यय अनुवीक्षण, एमसीएमसी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों की टीम प्रत्येक बूथ स्तर पर की जा रही कार्रवाई पर विशेष नजर बनाए हुए है। यदि किसी भी प्रकार से मतदाता को प्रभावित करने तथा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का प्रयास किया गया तो टीमें तुरंत संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगी। प्रत्याशी निर्वाचन के लिए निर्धारित सीमा के अंदर ही खर्च करेंगे। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा, एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट, सिटी मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर, सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार के अलावा उड़नदस्ता टीम एवं स्थायी निगरानी टीम के प्रभारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
खर्च रजिस्टर में रखना होगा ब्योरा
वरिष्ठ कोषाधिकारी महिमा चंद ने बताया कि सभी प्रत्याशियों के लिए आयोग द्वारा निर्वाचन व्यय सीमा निर्धारित की गई है। सभी प्रत्याशियों से निर्वाचन व्यय रजिस्टर बनवाए जाएंगे, जिसमें रोजाना खर्च का तारीखवार उल्लेख किया जाएगा। निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने के उपरांत निर्वाचन व्यय रजिस्टर में अंकित ब्योरे और प्रत्याशी के बैंक खाते से हुए वास्तविक खर्च का मिलान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वाहन की अनुमति संबंधित आरओ से लेनी होगी और उसकी मूल प्रति वाहन के अगले शीशे पर चस्पा करनी होगी। निर्वाचन के दौरान अवैध शराब भंडारण एवं तस्करी पर भी पूर्ण प्रतिबंध है। कार्रवाई के लिए सभी प्रकार के आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम चालू
कलेक्ट्रेट में निर्वाचन नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। जहां दूरभाष नंबर 9027157925, 8923936385, 8923936388, 8923936212, 8923936218 पर चुनाव से जुड़ी कोई भी समस्या या उससे जुड़ी शिकायत की जा सकती है।
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