जेएन मेडिकल में हड़ताल होने पर दीनदयाल हॉस्पीटल में मरीजों की लगी भीड़।
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जेएन मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल एवं इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को भर्ती नहीं किए जाने के कारण स्थिति विकराल होती जा रही है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दीनदयाल अस्पताल का 12 बेड का आईसीयू फुल चल रहा है। इमरजेंसी में 24 घंटे में 33 मरीजों को भर्ती किया गया है। जबकि मलखान सिंह जिला अस्पताल के इमरजेंसी में 24 घंटे में करीब 100 मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं। दोनों अस्पतालों के ओपीडी में भी 2200 से अधिक मरीज पहुंचे। वहीं, दिल्ली रेफर होने वाले मरीजों को भी वहां पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज प्राइवेट अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं।
खुर्जा के 55 वर्षीय गिल्लू को हार्ट अटैक होने पर परिजन मंगलवार रात को जेएन मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। स्थिति में कुछ सुधार होने पर बुधवार को हड़ताल का हवाला देकर गिल्लू को दीनदयाल अस्पताल या जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेज दिया। किराये की एंबुलेंस से परिजन गिल्लू को लेकर पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में पहुंचे। वहां पता चला कि आईसीयू में जगह नहीं है। चिकित्सकों ने घर पर दवा एवं इंजेक्शन लेने का सुझाव दिया। मजबूरी में परिजन गिल्लू को लेकर खुर्जा चले गए।
इसी तरह रघुवीरपुरी के सब्जी विक्रेता को लीवर एवं किडनी में गंभीर समस्या है। जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती नहीं किया गया। परिजनों के पास पैसे भी नहीं है कि वह प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर उपचार कराएं। मजबूरी में मलखान सिंह जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। सीटी स्कैन की सुविधा नहीं होने का हवाला देकर मलखान सिंह जिला अस्पताल से भी मरीजों को दीनदयाल अस्पताल से रेफर किया जा रहा है। जेएन मेडिकल कॉलेज, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं मलखान सिंह जिला अस्पताल के आसपास प्राइवेट अस्पतालों के दलाल मरीजों को फंसाने के लिए घूम रहे हैं। प्राइवेट एंबुलेंस कर्मी भी तीमारदारों को गुमराह कर फंसा रहे हैं। मंगलवार को इसी तरह की घटना में टप्पल क्षेत्र के एक मरीज की मृत्यु हो चुकी है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं मलखान सिंह जिला अस्पताल के सीएमएस को पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। एएमयू कुलपति एवं जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को पत्र लिखकर इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर में सीनियर डॉक्टरों को लगाकर उपचार की सुविधा शुरू करने का आग्रह किया जाएगा।
- डॉ. आनंद उपाध्याय, सीएमओ