पत्नी की मौत के बाद कैप्टन आरपी सिंह पत्नी को निहारते रहे। रोते हुए परिजनों ने अर्थी को सजाया और कैप्टन ने लाल जोड़े में सजी पत्नी के मांग में आखिरी बार सिंदूर लगा कर विदा कर दिया। कुछ ही देर में कैप्टन आरपी सिंह ने भी दम तोड़ दिया।
लगभग छह दशक पहले परिणय सूत्र में बंधे दंपती ने शादी के समय लिए सात वचन का मौत तक पालन किया। मोहब्बत ऐसी पत्नी को सुहाग के जोड़े में सजी अर्थी पर विदा करने के चार घंटे बाद बुजुर्ग कैप्टन भी बैकुंठ धाम को पधार गए। बुजुर्ग दंपती की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
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अलीगढ़ में जीटी रोड स्थित धनीपुर मंडी के पास रहने वाले कैप्टन आरपी सिंह (87) सेना से सेवानिवृत्त हैं। वह अपनी पत्नी ओमवती (84) के साथ बच्चों और नाती-पोतों के साथ रहते थे। 1 मार्च की सुबह करीब सात बजे पत्नी ओमवती की मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद कैप्टन आरपी सिंह पत्नी को निहारते रहे।
रोते हुए परिजनों ने अर्थी को सजाया और कैप्टन ने लाल जोड़े में सजी पत्नी के मांग में आखिरी बार सिंदूर लगा कर विदा कर दिया। परिवार वाले श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर लौटे। कुछ ही देर में कैप्टन आरपी सिंह ने भी दम तोड़ दिया।