पहली पत्नी की मृत्यु के बाद दूसरी शादी के चार वर्ष बाद दूसरी पत्नी की दहेज के लिए हत्या कर दी गई। अतरौली के गांव गदाईपुर के इस प्रकरण में दोषी पति मुकेश व सास अंगूरी देवी को तल्ख टिप्पणी के साथ अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने अर्थदंड भी निर्धारित किया है। यह निर्णय एडीजे-11 प्रतिभा सक्सेना द्वितीय की अदालत ने सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार ये घटना 16 सितंबर 2021 की है। वादी मुकदमा नगला सुमेर बिलौना चितरासी गंगीरी के रमेश चंद्र के अनुसार उन्होंने अपनी बेटी सावित्री (25) की शादी घटना से चार वर्ष पहले गांव गदाईपुर के मुकेश संग की थी। उस समय सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया गया। शादी के बाद से ही पति व सास चार लाख रुपये नकद व एक मकान के लिए प्रताडि़त करने लगे।
घटना वाले दिन सावित्री के नहीं मिलने पर मुकेश से पूछा तो वह टहलाने लगा। बाद में दबाव डालने पर यह कहते हुए अंगूरी के साथ मुकेश गायब हो गया कि उसकी हत्या कर दी है। इस जानकारी पर पुलिस बुलाई गई। शव गांव के बाहर खेतों में पड़ा मिला। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या करना उजागर हुआ। पुलिस ने पति व सास पर मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दायर की। मामले में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर पति मुकेश व सास अंगूरी को दोषी करार देकर सजा सुनाई है। साथ में 9-9 हजार रुपये अर्थदंड भी नियत किया है।
पहली पत्नी की मौत पर समझौता, अब की तीसरी शादी
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीस प्रमेंद्र जैन के अनुसार मुकदमे में मृतका के पिता, मां व भाई के अलावा पुलिस के गवाह व चिकित्सक तलब किए गए। इस दौरान गवाहों की ओर से ये तथ्य प्रकाश में लाया गया कि मुकेश ने सावित्री संग दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी की भी इसी तरह मृत्यु हुई थी। मामले में मुकेश ने अपने ससुरालियों से समझौता कर लिया था। जिसके चलते उसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। सावित्री की मृत्यु के बाद उसने अब तीसरी शादी कर ली थी। वह घर में रह रही है।