इन प्रयोगशालाओं से प्रतिवर्ष करीब 36 हजार नमूनों की जांच होती रही है। चार नई प्रयोगशालाओं के जुड़ जाने से अब प्रतिवर्ष और 24 हजार नमूनों की जांच होने लगेगी।
जुलाई महीने के अंत तक अलीगढ़ में भी खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच होने लगेगी। इसके लिए चार साइंटिफिक अधिकारी अजीत कुमार यादव, आकांक्षा यादव और वरिष्ठ विशेषज्ञ सुशील कुमार व महेंद्र कुमार की तैनाती कर दी गई है।
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मंडल बनने के 17 साल बाद अलीगढ़ को अपनी क्षेत्रीय जनविश्लेषक प्रयोगशाला मिलने जा रही है। 22.55 करोड़ की लागत से चार मंजिला भवन तैयार किया गया है। अभी तक लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी में ही क्षेत्रीय जनविश्लेषक प्रयोगशालाएं थीं।
इन प्रयोगशालाओं से प्रतिवर्ष करीब 36 हजार नमूनों की जांच होती रही है। चार नई प्रयोगशालाओं के जुड़ जाने से अब प्रतिवर्ष और 24 हजार नमूनों की जांच होने लगेगी। सहायक आयुक्त खाद्य अजय कुमार जायसवाल ने बताया कि लोधा में लैब बनकर तैयार हो चुकी है। इसी महीने के अंत से सर्वे नमूनों का ट्रायल शुरू हो जाएगा।