अभियोजन पक्ष के अनुसार हाथरस के मुरसान क्षेत्र के गांव अमरपुर की रूपन देवी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें कहा गया कि उसकी शादी घटना से 10 साल पहले गोंडा के गांव छोटी बल्लम के चंद्रप्रकाश संग हुई। शादी के बाद उसे तीन बच्चे भी हुए। ससुराल वाले दहेज के लिए उसका उत्पीड़न करने लगे। उसे तीनों बच्चों के साथ 2003 में घर से निकाल दिया। इसके बाद से वह मायके में रही।
31 अगस्त 2004 को उसके पति चंद्रप्रकाश, देवर धर्मेंद्र, ससुर भिक्की सिंह व सास आदि सफेद रंग की जीप से गांव में आए और मारपीट करते हुए तमंचा दिखाकर उसके बच्चों को यह कहते हुए ले गए कि अब तू अपना चेहरा मत दिखाना। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद चारों पर चार्जशीट दायर कर दी। मामले में महिला वादी सहित उसके परिवार के तीन गवाह पेश हुए। इसके बाद पुलिस के गवाहों को बुलाने के काफी प्रयास हुए लेकिन वे नहीं आए। इस वजह से लंबे समय तक मुकदमा लंबित रहा। अब अदालत ने पति को दो वर्ष, देवर, सास व ससुर को छह-छह माह की सजा से दंडित किया है।