वन विभाग में वर्तमान में जिला वन अधिकारी का महत्वपूर्ण पद रिक्त है। यहां का कार्यभार कासगंज के जिला वन अधिकारी अतिरिक्त रूप से संभाल रहे हैं। इसी तरह से सब डिवीजनल अफसर का पद खाली है। वन दरोगा के दो पद, वन रक्षक के आठ और माली के दो पद खाली हैं। जिन पर महीनों बाद भी तैनाती नहीं हुई है।
बहराइच में भेड़ियों का खौफ अब तक कम नहीं हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर अलीगढ़ में ऐसा होता है तो वन विभाग कितना तैयार है। यहां तैनात स्टाफ और उपलब्ध संसाधनों पर गौर करें तो ऐसे किसी जानवर के अचानक हमलावर होने पर उसकी रोकथाम के इंतजाम नाकाफी हैं।
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वन विभाग में वर्तमान में जिला वन अधिकारी का महत्वपूर्ण पद रिक्त है। यहां का कार्यभार कासगंज के जिला वन अधिकारी अतिरिक्त रूप से संभाल रहे हैं। इसी तरह से सब डिवीजनल अफसर का पद खाली है। वन दरोगा के दो पद, वन रक्षक के आठ और माली के दो पद खाली हैं। जिन पर महीनों बाद भी तैनाती नहीं हुई है। यहां पर खूंखार जानवरों को काबू करने के संसाधन बहुत सीमित और पुराने हैं। जिससे बहराइच जैसी गंभीर स्थिति से निपटना बेहद मुश्किल है।
वन क्षेत्राधिकारी गौरव सिंह ने बताया कि अलीगढ़ में बीते कई वर्षों से किसी वन्य जीव के हमलावर होने की कोई घटना नहीं हुई है। वर्तमान में उपलब्ध संसाधन पर्याप्त हैं। मगरमच्छ जरूर मिले हैं, जिन्हें मौके से पकड़ कर काली नदी में पहुंचाया गया है।
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जिला वन अधिकारी कासगंज के पास प्रभार
सब डिवीजनल अफसर पद रिक्त है
पद तैनाती स्वीकृत पद
रेंजर 04 04
डिप्टी रेंजर 04 04
वन दरोगा 10 12
वन रक्षक 12 20
माली 18 20
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