जनपद में बिना डॉक्टर एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के अस्पताल एवं लैब संचालित हो रहे हैं। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निरीक्षण में हुआ है। बिना पंजीकरण एवं मानक के चल रहे पांच अस्पतालों एवं लैब संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
एसीएमओ डॉ. दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कई अस्पतालों का निरीक्षण किया। कासिमपुर स्थित रेयांस हॉस्पिटल बिना पंजीकरण का चलता मिला। हरदुआगंज के आस्था हॉस्पिटल का पंजीकरण अप्रैल 2020 में समाप्त हो चुका है। वहां एक मरीज भर्ती था। डॉक्टर एवं पैरा मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था। अनूपशहर रोड, जमालुपर में जेडी क्लीनिक अनधिकृत रूप से चलता पाया गया। वहां पर पैथोलॉजी लैब एवं मेडिकल स्टोर संचालित होता पाया गया। पंजीकरण से संबंधित कोई प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। धौर्रा बाईपास रोड पर किदवई पैथोलॉजी लैब द्वारा पंजीकरण से संबंधित प्रपत्र नहीं दिखाया गया।
लैब में न कोई डॉक्टर एवं न ही टेक्नीशियन था। अनूपशहर रोड स्थित नेशनल नर्सिंग होम का पंजीकरण अप्रैल 2021 में समाप्त हो चुका है। नवीनीकरण प्रमाण पत्र नहीं दिखाया गया। मौके पर चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था। एसीएमओ डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि सभी अस्पताल एवं लैब संचालकों को नोटिस दिया गया है। मंगलवार तक जवाब देना है। उसके बाद बिना मानक एवं पंजीकरण के चल रहे अस्पताल एवं लैब संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।