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अंधेरगर्दी: किडनी मरीजों की जान से खिलवाड़, तकनीशियन कर रहा था डायलिसिस, अस्पताल सील

Sat, 26 Oct 2024 10:44 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री ने अपनी टीम के साथ क्वार्सी बाईपास के अस्पतालों का निरीक्षण किया। एमके हास्पिटल को तत्काल सील कर दिया गया।  लाइफ लाइन अस्पताल बिना पंजीकरण चल रहा था। मलिक हास्पिटल की बेसमेंट में चल रहे लैब और ओटी को तत्काल सील कर दिया।
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लाइफलाइन अस्पताल को सील करते एसीएमओ डॉक्टर दिनेश खत्री - फोटो : विभाग
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विस्तार
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किडनी मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था। शहर के एक अस्पताल में तकनीशियन डायलिसिस करता मिला। खास बात यह है कि जिस अस्पताल में यह सब हो रहा था उसका पंजीकरण तक नहीं था। इस अस्पताल में कोई विशेषज्ञ चिकित्सक तक नहीं था। फिर भी यहां मरीजों के आपरेशन हो रहे थे। गंभीर बीमारियों का उपचार किया जा रहा था। इस अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने सील कर दिया है। दो अन्य अस्पतालों पर भी कार्रवाई की गई है।

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अलीगढ़ जिले में बिना पंजीकरण वाले कई अस्पताल चल रहे हैं। शहर में कई अस्पताल ऐसे हैं जहां कोई विशेषज्ञ चिकित्सक तक नहीं है। लेकिन मरीजों का इलाज किया जा रहा है। 25 अक्तूबर को एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री ने अपनी टीम के साथ क्वार्सी बाईपास के अस्पतालों का निरीक्षण किया। सबसे पहले उन्होंने एमके हास्पिटल को चेक किया तो इस अस्पताल में ओपीडी होती नहीं मिली, मगर आईसीयू चलता पाया गया। जांच में सामने आया कि अन्य अस्पतालों से एंबुलेंस से सेटिंग के जरिए गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जाता है। इस अस्पताल को तत्काल सील कर दिया गया। यहां पर मात्र एक चिकित्सक निश्चेतक डॉ. आयुष वार्ष्णेय मिले। 

तकनीशियन कर रहा था डायलिसिस
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अस्पताल संचालक मिथुन कुमार है। बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल को नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद टीम लाइफ लाइन अस्पताल पहुंची तो यह भी बिना पंजीकरण चल रहा था। यहां आईसीयू, सीसीयू, एनआईसीयू व ओटी के साथ डायलिसिस भी किया जा रहा था। यह देख अधिकारी दंग रह गए। बताया कि तकनीशियन डायलिसिस नहीं कर सकता है, यह मरीजों से खिलवाड़ है। 
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लैब और ओटी सील
उन्होंने संचालक पीके राजपूत से चिकित्सकों की सूची मांगी तो वह इधर-उधर देखने लगे। इस पर तत्काल अस्पताल को सील कर दिया गया। इसके बाद टीम मलिक हास्पिटल पहुंची। यहां बेसमेंट में चल रहे लैब और ओटी को तत्काल सील कर दिया। आईसीयू में मरीज होने के कारण उसे सील नहीं किया। सभी को नोटिस जारी कर दिया है।

क्वार्सी बाईपास से अनूपशहर जाने वाले रोड पर तीन अस्पताल को चेक किया गया। सभी अस्पताल बिना मानक और पंजीकरण के चलते पाए गए। ऐसे में सील कर सभी को नोटिस जारी कर दिया गया है। दिवाली बाद बिना पंजीकरण चलने वाले अस्पतालों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. दिनेश खत्री, एसीएमओ

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50 निजी अस्पताल, नर्सिंग होम पर लटकी कार्रवाई की तलवार

अलीगढ़ जिले में संचालित 50 निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर की लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं होने से कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। 31 अक्तूबर के बाद स्वास्थ्य विभाग इन सभी पर कार्रवाई करेगा। विभाग द्वारा इनकी सूची तैयार कर ली गई है। नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी न होने पर इनका लाइसेंस निरस्त हो जाएगा। इसके बाद संचालन अवैध होगा।

जिले में 280 से अधिक निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर पंजीकृत हैं। इनको हर साल लाइसेंस नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के साथ कई प्रकार के एनओसी सर्टिफिकेट लगते हैं। कागजात सही पाए जाने पर इनका नवीनीकरण हो जाता है। एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री ने बताया कि 31 अक्तूबर तक करीब 50 संचालकों को नवीनीकरण संबंधी कागजात पूरे कराने हैं। इसके बाद अस्पतालों का संचालन किया गया तो टीम गठित कर कार्की जाएगी।
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