सारसौल स्थित महादेव अस्पताल को सील करती स्वास्थ्य विभाग की टीम
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फर्जी चिकित्सक सुकुमार यादव और अनीता यादव के नाम से चलने वाले बिना पंजीकरण के महादेव अस्पताल पर 19 अगस्त को कड़ी कार्रवाई की गई है। तहसीलदार के नेतृत्व में एसीएमओ की टीम ने सारसौल स्थित अस्पताल को सील कर दिया। नोटिस चस्पा कर तीन दिन में जवाब देने को कहा है। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सुकुमार यादव और अनीता यादव के द्वारा सारसौल स्थित मरघट के पास महादेव हास्पिटल के संचालन की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की गई थी। जिसके बाद एडी हेल्थ ने पत्र भेज कर सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी से कार्रवाई कर 12 अगस्त तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। मगर सीएमओ ने ऐसा नहीं किया। एडी हेल्थ के द्वारा 12 अगस्त के मामले की जानकारी मांगी गई तो आनन-फानन में 13 अगस्त को पत्र भेज कर एसीएमओ डॉ. बीके राजपूत को जांच सौंप कर कार्रवाई करने को कहा।
मामला फिर पेंडिंग में पड़ गया। शिकायत डिफाल्ट न हो इस कारण एडी हेल्थ कार्यालय से फिर से जानकारी मांगी गई। जिसके बाद बुधवार नायब तहसीलदार सेवता जिंदल, एसीएमओ डॉ. बीके राजपूत, लिपिक विनोद कुमार अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में कर्मचारी मिले। चिकित्सक के बारे में कोई कुछ नहीं बता सका। न ही पंजीकरण के अभिलेख मिले। ऐसे में एसीएमओ ने हास्पिटल को सील कर दिया है। डॉ. बीके राजपूत ने कहा कि दोनों फर्जी चिकित्सक है। इन्हीं के नाम पर अस्पताल चल रहा था। इसका पंजीकरण भी नहीं था।