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अलीगढ़ : तुफैल हत्याकांड में हिस्ट्रीशीटर खालिद उर्फ पप्पू गिरफ्तार

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थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा पकड़ा गया पप्पू । संवाद - फोटो : CITY OFFICE
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मसूदाबाद चौराहे पर 25 साल पहले हुई कुख्यात अपराधी तुफैल अहमद की हत्या का जिन्न फिर बाहर आ गया है। इस हत्या में अदालत से जारी गैर जमानती वारंट के आधार पर सिविल लाइंस पुलिस ने शुक्रवार देर रात सपा में सक्रिय व हिस्ट्रीशीटर खालिद हसन खां पप्पू को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी की खबर पर जरायम व सियासी खेमे में हलचल है। इस हत्याकांड में पप्पू के बड़े भाई मुहाजिद गुड्डू सहित अन्य आरोपियों के भी वारंट जारी हैं।
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शुक्रवार देर रात इंस्पेक्टर सिविल लाइंस प्रवेश राणा ने खालिद उर्फ पप्पू को पान वाली कोठी बरगद हाउस स्थित आवास से गिरफ्तार किया है। कुछ ही देर में यह खबर शहर में फैल गई और थाने पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। पहले कारण जानने और फिर छोड़ने की सिफारिशों का दौर चला। मगर पुलिस ने जब हत्याकांड में अदालत से जारी वारंट का हवाला दिया तो सिफारिशी कदम पीछे हटने लगे। मगर भीड़ देर रात तक जमा थी।
इंस्पेक्टर के अनुसार, वर्ष 1997 में बन्नादेवी क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में सीजेएम न्यायालय से 19 मई को गैर जमानती वारंट जारी हुए हैं। उसी में खालिद हसन उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार पप्पू सिविल लाइंस थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। पप्पू को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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ये है घटनाक्रम
मुकदमे के अनुसार, वाकया 21 मई 1997 की सुबह करीब दस बजे का है। बन्नादेवी क्षेत्र के सराय रहमान निवासी 26 वर्षीय कुख्यात अपराधी तुफैल अहमद अपने साथी संग बाइक से कहीं जा रहा था। तभी कार सवार बदमाशों ने मसूदाबाद के पास फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी। आपसी रंजिश व गैंगवार में हुई इस सनसनीखेज हत्या में सिविल लाइंस के हिस्ट्रीशीटर व मूल रूप से परौरा बरला हाल बरगद हाउस निवासी मुजाहिद हसन गुड्डू, खालिद हसन उर्फ पप्पू, जौहराबाग के अहमद व खालिद के अलावा नई बस्ती के तोतला उर्फ गुड्डू को नामजद किया गया। घटना के बाद आरोपी पक्ष की गिरफ्तारी न होने और विवेचना सही न होने का आरोप लगाकर तुफैल के भाई चमन खां विवेचना को सीबीसीआईडी ले गए, जहां से दो वर्ष बाद इन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी गई। इस चार्जशीट पर आरोपी पक्ष हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले आया, तब से मसला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था।
बमुश्किल मिली पत्रावली, तब हुए वारंट
तुफैल के भाई चमन ने बताया कि कुछ साल पहले हाईकोर्ट से स्टे हट गया था। इस खबर पर जब पैरोकारी शुरू की तो अदालत से पत्रावली गायब थी। वे फिर हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीसीआईडी ने फिर से पत्रावली खोजकर दी। तब जाकर अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए 26 मई गिरफ्तार कर पेश करने की तारीख नियत की है।
तुफैल के भाई इकबाल की भी हुई थी हत्या
इस हत्याकांड से पहले से इन दोनों गुटों में रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में पहले तुफैल के भाई इकबाल की सिविल लाइंस में हत्या हुई थी। इसका आरोप गुड्डू-पप्पू पर लगा था। इसके बाद गुड्डू-पप्पू के चाचा एएमयू के प्रो.इकबाल बरूला की हत्या हुई, जिसका आरोप तुफैल पर लगा। इसी बदले और रंजिश में तुफैल की हत्या हुई थी।
विधानसभा चुनाव लड़ चुका है गुड्डू, नेताओं का डेरा
अपराध जगत से प्रॉपर्टी कारोबार व सियासत में पहुंचे। इस दौरान गुड्डू ने एक मर्तबा बसपा से और एक मर्तबा पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह द्वारा बनाई गई राक्रापा से छर्रा सीट पर चुनाव लड़ा। मगर वह दोनों चुनाव हार गया। पिछले काफी समय से दोनों भाई सपा में सक्रिय हैं और अक्सर सपा नेताओं संग व सपा के कार्यक्रमों में देखे जाते हैं। गिरफ्तारी की खबर पर देर रात सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक भी तमाम समर्थकों सहित थाने पहुंच गए थे।
- सिविल लाइंस थाने के हिस्ट्रीशीटर खालिद पप्पू, उसके हिस्ट्रीशीटर भाई मुजाहिद गुड्डू आदि के खिलाफ कई वर्ष पुराने बन्नादेवी क्षेत्र में हुई हत्या के मुकदमे में अदालत से एनबीडब्ल्यू जारी हुए हैं। उसी में पप्पू गिरफ्तार किया है। बाकी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। - कुलदीप सिंह गुणावत, एसपी सिटी
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