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12.64 लाख वाहनों में 60 करोड़ से लगेगी हाईसिक्योरिटी नंबर प्लेट

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आरटीओ ऑफिस में वाहन संबंधी किसी भी काम के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट होना अनिवार्य कर दिया गया है। अब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के वाहन का बीमा तक नहीं हो पाएगा। अगर किसी ने ये नई नंबर प्लेट नहीं लगवाई तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। आरटीओ केडी सिंह ने बताया कि अगर किसी ने अपने निजी या व्यावसायिक वाहन में अभी तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाई है तो जल्द लगवा लें। नहीं तो वाहन संबंधी कोई दस्तावेजीकरण होने में जबरदस्त असुविधा हो सकती है।
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ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
-हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा।
-वेबसाइट खुलने पर निजी और सार्वजनिक वाहन में से एक विकल्प चुनना होगा।
-इसके बाद वाहन के पेट्रोल, डीजल, सीएनजी आदि का विकल्प खुलेगा। इसमें से एक विकल्प पर क्लिक करना होगा।
-इसके बाद वाहनों की श्रेणी खुलेगी, जैसे स्कूटर, मोटरसाइकिल, गाड़ी, ऑटो, भारी वाहन में से किसी एक का चुनाव करना होगा।
-फिर दूसरा विकल्प खुलेगा, जिसमें वाहन की कंपनी के बारे में जानकारी देनी होगी।
-अगला क्लिक करने पर राज्य का विकल्प आएगा। इसे भरने पर डीलर्स के विकल्प दिखने लगेंगे।
-डीलर का चुनाव करने के बाद वाहन संबंधी जानकारी भरनी होगी। इसमें रजिस्ट्रेशन नंबर, रजिस्ट्रेशन तारीख, इंजन नंबर, चैसिस नंबर, ई-मेल आइडी, मोबाइल नंबर के बारे में बताना होगा।
-इसके बाद एक और विंडो खुलेगी, जिसमें वाहन मालिक का नाम, पता और दूसरी जानकारी भरनी होगी।
-वाहन की आरसी और आइडी प्रूफ भी अपलोड करना होगा। इसके बाद ओटीपी जेनरेट होगा।
-फिर बुकिंग के समय और तारीख का ऑप्शन दिखेगा। आखिरी में भुगतान प्रक्रिया सामने आएगी।
ऑफलाइन ऐसे मिलेगा नंबर
वाहन स्वामी के पास हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और कलर कोड स्टिकर लगवाने के लिए ऑफलाइन विकल्प भी है। वाहन स्वामी वाहन विक्रेता के यहां हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहां से उनको समस्त जानकारी मिल जाएगी।
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बिना हाईसिक्योरिटी नंबर प्लेट यह काम नहीं होंगे
1-व्हीकल की फिटनेस जांच
2-रजिस्ट्रेशन कॉपी
3-व्हीकल ट्रांसफर
4-एड्रेस चेजिंग
5-नया रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
6-नया परमिट
7-परमिट की डुप्लीकेट कॉपी
8-परमिट रिन्यूअल
9-टेंपरेरी परमिट
10-स्पेशल परमिट
11-राष्ट्रीय परमिट आदि
आखिर क्या है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट...
1-हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट क्रोमियम बेस्ड होलोग्राम होता है।
2-यह एक स्टीकर होता है, जिसपर व्हीकल के इंजन और चेसिस नंबर होते हैं।
3-हर प्लेट पर एक तरह का पिन होगा जो वाहन से जुड़ेगा।
4-ये पिन एक बार वाहन की प्लेट को पकड़ लेगा तो दोनों ही तरफ से लॉक हो जाएगा फिर किसी से नहीं खुलेगा।
मुख्य बात
1-बिना हाई सिक्योरिटी लगे पुराने वाहनों का आने वाले समय में चालान काटा जाएगा।
2-बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहनों को दिल्ली सहित पूरे एनसीआर, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश में निकट भविष्य में प्रवेश नहीं मिलेगा।
3-2019 से पहले खरीदे गए वाहनों में लगनी हैं नंबर प्लेट, नये वाहनों में विक्रेता ही लगाकर दे रहे।
4-रिकार्ड के अनुसार लगभग 12,64, 418 वाहनों में यह प्लेट लगनी हैं, जिसका खुल खर्च 60 करोड़ आएगा।
जिले में 2019 से पहले खरीदे गए वाहन, जिसमें नई नंबर प्लेट लगनी है
वाहन संख्या नंबर प्लेट पर आने वाला खर्च
दोपहिया वाहन 539354 16 करोड़ 18 लाख 6 हजार से अधिक
चार पहिया वाहन 704034 42 करोड़ 24 लाख 20 हजार से अधिक
व्यावसायिक वाहन 21030 01 करोड़ 26 लाख रुपयों से अधिक
पुराने वाहन स्वामी खुद इंतजाम करें
अलीगढ़। आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया कि नया वाहन खरीदने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक संबंधित वाहन विक्रेता खुद ही उसमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगा कर दे रहे हैं। पुराने वाहनों में वाहन स्वामी संबंधित विक्रेता के यहां से ये सुविधा ले सकते हैं। दोपहिया वाहन के लिए 300 और उससे अधिक पहिया वाले वाहन की नंबर प्लेट के लिए वाहन विक्रेता को 600 रुपये देने होंगे। इसके बाद वह ऑनलाइन आवेदन करेगा। स्लिप जारी होने के बाद बार कोड जारी होगा। इस बार कोड सहित हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को वाहन विक्रेता वाहन में चस्पा करेंगे। इसमें मौजूद रजिस्ट्रेशन मार्क, क्रोमियम बेस्ड होलोग्राम स्टिकर ऐसे हैं, जिन्हें निकालने या सिर्फ कोशिश करने पर ही यह खराब हो जाएंगे। मसलन, चोर किसी भी वाहन में लगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को निकालने या उससे छेड़छाड़ कर नंबर बदलने की कोशिश करेंगे तो पकड़े जाएंगे।
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