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कामयाब चेहरे: किसानों की बेटियों ने लहलहाई नंबरों की फसल, ई-रिक्शा चालक के बेटे ने दौड़ाई अंक एक्सप्रेस

Sat, 26 Apr 2025 10:42 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल की अलीगढ़ जिला टॉप-10 सूची में तीसरी रैंक हासिल करने वाले सौरभ कुमार के पिता संजय ई रिक्शा चलाते हैं। सौरभ ने 94 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
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इंटर में टॉप करने वाली छात्रा शिखा कुमारी परिवार के साथ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ में किसानों की बेटियों ने सफलता का परचम लहराया है। हाईस्कूल की जिला टॉपर प्रियांशी और इंटरमीडिएट की जिला टॉपर शिखा के पिता पेशे से किसान हैं। धरती का सीना चीरकर अन्न उगाते हैं। वहीं बेटियों ने भी संसाधनों के अभाव में अपने परिश्रम के बल पर नंबरों की फसल लहलहा दी है। बेटियों की इस कामयाबी से परिवार वाले तो खुश हैं ही गांव में भी जश्न है।

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हाईस्कूल में जिला टॉप करने वालीं गोंडा की प्रियांशी के पिता राजकुमार एक साधारण किसान हैं। बेहद संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में पढ़ाई करने वाली प्रियांशी को पहली बार में विश्वास ही नहीं हुआ कि उन्होंने पूरे जिले में टॉप किया है। वह कहती हैं कि शिक्षा के माध्यम से वह अपने को आत्मनिर्भर बनाएंगी और अपने परिवार की स्थिति को बेहतर करने का प्रयास करेंगी। प्रियांशी का कहना है कि अगर लक्ष्य बनाकर पढ़ाई की जाए तो सफलता हासिल की जा सकती है।
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वहीं, इंटरमीडिएट की जिला टॉपर रहीं शिखा के पिता सतेंद्र कुमार भी पेशे से किसान हैं। अपनी कड़ी मेहनत के बल पर शिखा ने सफलता की यह फसल लहलहाई है। बुलंद हौसलों वाली शिखा अब और अधिक परिश्रम कर अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहती हैं। इन दोनों बेटियों की सफलता यह दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के आगे आर्थिक परेशानियां भी बौनी साबित हो सकती हैं।

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पिता चलाते हैं ई-रिक्शा...बेटे ने दौड़ाई अंक एक्सप्रेस

यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल की अलीगढ़ जिला टॉप-10 सूची में तीसरी रैंक हासिल करने वाले सौरभ कुमार के पिता संजय ई रिक्शा चलाते हैं। सौरभ ने 94 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उसकी सफलता से पूरा परिवार और उसके स्कूल अवर ड्रीम्स हायर सेकेंड्री के शिक्षक बेहद खुश हैं। सौरभ की सफलता के रास्ते में आर्थिक तंगी भी आई। ऐसा भी वक्त आया कि सौरभ के परिवार को स्कूल की फीस जमा करने में परेशानी हुई। उस समय सौरभ की प्रतिभा को देखते हुए स्कूल के प्रिंसिपल मदद के लिए आगे आते और फीस को माफ कर देते। ट्यूशन पढ़ाने के लिए भी परिवार के पास पैसे नहीं होते तो शिक्षक स्वयं आगे आकर सौरभ की पढ़ाई में मदद करते। रिजल्ट आने के बाद सौरभ ने इन सभी का आशीर्वाद लिया और आभार व्यक्त किया तो सभी शिक्षक बेहद भावुक हो गए। सौरभ ने बताया कि उसने अपनी पारिवारिक परिस्थितियों को कभी अपने लक्ष्य में बाधक नहीं बनने दिया। स्वयं को सकारात्मक रखा।

अमर उजाला भी हुआ प्रियांशी की खुशियों में शामिल
हाईस्कूल परीक्षा में जिले में प्रथम स्थान पाने वाली करहला गौरवा निवासी प्रियांशी की खुशियों में अमर उजाला भी शामिल हुआ। केक कटवाकर और फूलमाला पहनाकर उनको सम्मानित किया। प्रियांशी ने कहा कि उनकी उपलब्धि की खुशियों में अमर उजाला की उपस्थिति ने चार चांद लगा दिए। 
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