लोकनिर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने धनीपुर विकास खंड के ग्राम भूड़ा किशनगढ़ी, निर्माणाधीन पुलिस उपमहानिरीक्षक आवास एवं कार्यालय और कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। गांवों में दौरे के दौरान हाईरिस्क प्रेगनेंसी प्रोटोकॉल की जानकारी न होने पर डॉ. ब्रजमोहन को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक को हाईरिस्क प्रेगनेंसी की जानकारी न होना उसकी योग्यता पर सवालिया निशाना लगाता है। पढ़ाई-लिखाई के साथ ही प्रैक्टिकल की जानकारी भी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि वर्तमान कोविड संकटकाल में हम सभी को संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए जारी गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए। जब तक प्रत्येक व्यक्ति सुरक्षा नहीं जाता तब तक किसी को भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।
आंगनबाड़ी केन्द्र का लिया जायजा
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा बताया गया कि गांव में 8 गर्भवती हैं, जिसमें एक हाईरिस्क की श्रेणी में है। प्रमुख सचिव ने डॉ. बृजमोहन से हाईरिस्क प्रेगनेंसी के प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी की, जिसका डॉ. बृजमोहन जबाब नहीं दे सके। उन्होंने सीएमओ को इस संबंध में प्रशिक्षित किए जाने के निर्देश दिए।
निमार्णधीन पुलिस उप महानिरीक्षक आवास एवं कार्यालय भवन का निरीक्षण
प्रमुख सचिव ने भ्रमण के दौरान सर्किट हाउस के निकट निर्माणाधीन पुलिस उप महानिरीक्षक आवास एवं कार्यालय भवन का निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव ने आवासीय परिसर भवन में दो बडे़ कमरों का निर्माण किए जाने की आवश्यकता महसूस करते हुए एस्टीमेट तैयार करने का निर्देश दिया।
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल का किया निरीक्षण
प्रमुख सचिव ने कोविड-19 को समर्पित डीडीयू हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। सीएमएस कार्यालय पहुंचकर आईसीयू में भर्ती कोविड संक्रमित व्यक्ति का वीडियो कॉल के माध्यम से हालचाल जाना। खान-पान, दवाइयों, चिकित्सक द्वारा जांच, साफ-सफाई आदि के बारे में जानकारी ली।