बारिश के बाद भूजल में बढ़ा प्रदूषण
अध्ययन में पाया गया कि प्री-मानसून सीजन में भारी धातुओं की मात्रा का क्रम पीबी, एफई, सीआर, एनआई, जेएडएन, एमएन, सीडी, सीयू रहा, जबकि पोस्ट-मानसून सीजन में पीबी, एनआई, सीआर, जेडएन, एफई, एमएन, सीडी, सीयू पाया गया।
बारिश के बाद भूजल में भारी धातुओं का प्रदूषण और अधिक बढ़ गया। वैज्ञानिकों ने मोंटे कार्लो सिमुलेशन सांख्यिकीय परीक्षणों और विभिन्न प्रदूषण सूचकांकों की मदद से अलग-अलग आयु और लिंग समूहों पर इसके स्वास्थ्य प्रभावों का विश्लेषण किया। रिपोर्ट में कई स्थानों पर कैंसर जोखिम बढ़ने की आशंका व्यक्त की गई है।
अपर्याप्त अपशिष्ट उपचार प्रणाली भूजल प्रदूषण का प्रमुख कारण
- औद्योगिक क्षेत्रों में पुराने और अपर्याप्त अपशिष्ट उपचार प्रणाली भूजल प्रदूषण का प्रमुख कारण हैं। यह स्थिति विशेष रूप से उन इलाकों के लिए खतरनाक है जहां लोग सीधे भूजल का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों में करते हैं।
- भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमाओं की तुलना में कई स्थानों पर भारी धातुओं की मात्रा अधिक पाई जाने की बात कही है। वैज्ञानिकों ने भूजल के उपयोग से पहले बेहतर शुद्धिकरण व्यवस्था लागू करने और औद्योगिक अपशिष्ट निस्तारण प्रणाली को मजबूत करने की सिफारिश की गई है।