शिकायत करने से भी क्या फायदा?
एक सवाल पर रूचि ने कहा कि शिकायत करने से कोई फायदा नहीं है। डीडीयू अस्पताल की स्थिति वाकई बहुत खराब है। वहां से लगातार खामियों की खबरें आती हैं और हर बार जिम्मेदार अधिकारी बिना कार्रवाई बच जाते हैं। रूचि ने कहा, ''एक बीमारी की जांच के लिए मुझे सात दिन में चार बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़े। जांच नमूना बदल गया। एक्सरे कराया तो उसकी रिपोर्ट अब तक नहीं मिली। डॉक्टर ने दवा लिखी तो सीलन भरी दवा थमा दी। इससे भी बुरे क्या हालात होंगे कि काउंटर पर बैठा आदमी मुस्कराते हुए मुझसे सॉरी बोल रहा था। उसे देख समझ आ रहा था कि वहां अक्सर ऐसा होता होगा, इसीलिए उसने हंसते हुए सॉरी बोल दिया।'' रूचि ने कहा कि आखिर कोई भी सिस्टम इतना लाचार और लापरवाह कैसे हो सकता है?
मोबाइल पर ही मिली एक्सरे रिपोर्ट
नमूने के अलावा दूसरी समस्या रुचि के सामने यह भी आई कि उन्हें एक्सरे रिपोर्ट 9 मई तक नहीं मिली। डॉक्टर ने बलगम जांच के साथ-साथ उन्हें एक्सरे कराने की भी सलाह दी गई थी। अस्पताल में ही उन्होंने एक्सरे कराया। जिसकी रिपोर्ट उन्हें उनके मोबाइल में फोटो खींचकर ही दे दी गई। उसी को उन्होंने डॉक्टर को दिखाकर इलाज लिया। मगर एक्सरे फिल्म आज तक नहीं मिली।