यहां वापस आकर सोमवार को अदालत खुलने पर उन्होंने जानकारी की तो पाया कि मामले में बुधवार की तारीख नियत है। अब वे अपनी ओर से इस मामले में अदालत को रिपोर्ट देंगे। फिर उसे यहां तलब कराने संबंधी आदेश जारी होगा। तब उसे यहां तलब कराकर रिमांड पर लिया जाएगा।
मंशा पुलिस से बचने की या कुछ और
ये अनोखा मामला होगा। जब कोई अपराधी किसी अपराध में खुद को तलब कराने के लिए अदालत में अर्जी दायर कर रहा है। इसे लेकर पुलिस यही मान रही है कि या तो उसकी मंशा पुलिस से बचने की होगी। वजह है कि तमंचे के मुकदमे में उसे जल्द जमानत मिल सकती है। इसलिए वह जमानत पर बाहर आने से पहले हत्या में ही जेल में रहना चाहता है। या फिर नीयत साक्ष्य छिपाए रखने की होगी। अगर वह बाहर आता है, पकड़ा गया तो पुलिस अपने अनुसार साक्ष्यों पर काम करेगी। कुल मिलाकर अब ये उससे रिमांड पर पूछताछ में ही उजागर होगा। इस विषय में सीओ अतरौली राजीव द्विवेदी बताते हैं कि सोनू चौधरी हत्याकांड में हेमू मुख्य साजिशकर्ता है। पुलिस के पास इसके ठोस साक्ष्य हैं। उसे बी वारंट पर तलब कराया जाता। उससे पहले उसने खुद अपनी ओर से तलबी अर्जी दायर कराई है। हत्या के मुकदमे में नाम बढ़ाए जाने का अनुरोध अदालत से किया है।