पिछले कुछ दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच रविवार को ओलों के साथ हुई बारिश ने सर्दी और बढ़ा दी। बारिश से नगर निगम के रैन बसेरे अस्त-व्यस्त हो गए, रजाई, गद्दे एवं कंबल भीग गए, जिसकी वजह से निराश्रित लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
वहीं, शहर के प्रमुख रामघाट रोड, मैरिस रोड, स्टेशन रोड एवं मलखान नगर आदि क्षेत्रों में जलभराव हो गया। बिजली आपूर्ति और साफ सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई। इधर, एएमयू भूगोल विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर अतीक अहमद ने कहा कि आने वाले दिनों में सर्दी के तेवर और भी तल्ख होंगे। साथ ही कोहरा भी बढ़ेगा। रविवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री व न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा।
सुबह ओले गिरने और बारिश के कारण केलानगर एवं नौरंगीलाल स्कूल के पास के रैन बसेरों में गद्दे, चादर एवं कंबल आदि भीग गए हैं। जिससे शेल्टर होम में ठहरे निराश्रित ठंड से बचने के लिए दूसरे स्थानों पर चले गए। शेल्टर होम में अलाव जलाने के लिए रखी लकड़ियां भी भीग गईं। यही नहीं पूरे दिन सर्द एहसास बने रहने के चलते बाजारों में भी कम लोग दिखाई दिए। दिन में बूंदाबांदी के बाद शाम को फिर से तेज बारिश हुई, जिससे सर्दी और बढ़ गई।
रामघाट रोड, मैरिस रोड, सेंटर प्वाइंट से स्टेशन रोड, मलखान नगर, गूलर रोड, बारहद्वारी, रेलवे रोड, सुरेंद्रनगर सहित महानगर के कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। अमृत योजना के अंतर्गत जिन मोहल्लों में पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई हुई है, वहां के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बारिश के कारण बिजली विभाग के कई फीडर बंद हो गए। सरसौल की ओर से आने वाली लाइन में खराबी आ गई, जिससे बारहद्वारी और शहर के पुराने हिस्सों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
इसके अलावा शहर के अलग-अलग स्थानों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके जैन ने बताया कि आंधी, बारिश एवं ओलावृष्टि से थोड़ी बहुत दिक्कत हुई है। लेकिन ज्यादा दिक्कत की सूचना नहीं है।
बचने के लिए बेड बदलते रहे निराश्रित व गार्ड
केलानगर स्थित रैन बसेरा बनकर तैयार है। अभी उसका उद्घाटन नहीं हुआ है। इस रैन बसेरे में 25 बेड है। शनिवार रात्रि में गार्ड सुशील कुमार के अतिरिक्त केला नगर का सलीम सोया था। अचानक बारिश आने के बाद रैन बसेरे में पानी टपकने लगा। पानी से बचने के लिए दोनों बेड बदलते रहे। सुबह सलीम रैन बसेरे से चला गया। नौरंगीलाल स्थित रैन बसेरा में शनिवार की रात्रि में 33 लोग थे। तेज हवा के कारण एक पोल झुक गया था। संयोग अच्छा था कि पोल गिरा नहीं। कर अधीक्षक राजेश गुप्ता ने बताया कि रात तक रैन बसेरे में सारे इंतजाम कर दिए गए हैं।
बच्चों और वृद्धों को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत : प्रोफेसर बेग
जेएन मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर मुजाहिद बेग ने कहा कि इस मौसम में बच्चों और खासतौर से वृद्धों को अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखने की बहुत जरूरत है। जरा सी भी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
ये एहतियात बरतें
- शरीर में पानी की कमी ना होने दें। पानी को गुनगुना करके पीयें।
- बच्चों को नियमित गुनगुने पानी से स्नान कराएं और उनके कपड़े प्रतिदिन बदलें।
- अधिक से अधिक मात्रा में तरल और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
- बासी खाने से परहेज करें। अगर वह खराब नहीं भी हुआ है तो भी उसको खाने से बचें क्योंकि उसमें बैक्टीरिया बन चुके होते हैं।
- जब तक धूप न निकल आए, सैर के लिए बाहर न निकलें
जलनिकासी सुनिश्चित करें अधिकारी
मौसम में अचानक आए बदलाव को देखते हुए नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह ने नगर निगम के अधिकारियों को चौकन्ना रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में जाकर जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी को सीयूजी नंबर चालू रखने एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। रैन बसेरों को तत्काल चालू कराने एवं आश्रय स्थल पर सभी इंतजाम चाक-चौबंद रखने का निर्देश दिया है।
गूलर रोड गली नंबर एक में पेयजल आपूर्ति गड़बड़ाई
गूलर रोड गली नंबर एक में लीकेज के कारण पेयजल आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो गई। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे। नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह ने अधिकारियों को लीकेज ठीक करने के लिए खोदे गए गड्ढे को तुरंत भरवाने के निर्देश दिए। सभी पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता के साथ चलाने को निर्देशित किया है।