शासन की ओर से सभी सरकारी स्कूलों में पांच साल से ऊपर के सभी विद्यार्थियाें को डीपीटी का टीका लगाने का अभियान चल रहा है। शुक्रवार को नगला जाटवान स्थित प्राथमिक विद्यालय में दोपहर के समय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पांच साल से ऊपर के सभी विद्यार्थियों का टीकाकरण किया। इसके बाद सभी बच्चे अपने-अपने घरों को चले गए। शाम के समय बच्चों ने दर्द और बुखार की बात अपने-अपने परिवार वालों को बताई। बताया कि उन्हें एक कमरे में बंद कर टीका लगाया था। बच्चों को बुखार, दर्द और उल्टियां होने से परिवार वाले परेशान हो उठे। बताते हैं कि बच्चों के शरीर में सूजन भी आई है। इस तरह की समस्या पर गांव के 51 बच्चों को छर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
इनकी बिगड़ी तबीयत
ललित पुत्र संजू, नैना पुत्री इतवारी, नीतेस पुत्र सोदान, जिव्यांश पुत्र अनिल, रोनिद पुत्र वीरेश, जयदेव पुत्र संतोष, रोहित आर्यन पुत्र बंटी, नीपेस व छोटी पुत्र सोदान, अमन पुत्र रामखिलाड़ी, रूपेंद्र पुत्र वीरेश, राखी पुत्री भोलेंद, अंजलि पुत्री सोमवीर, अंजलि पुत्री मलखान, साक्षी पुत्री देंवेंद्र, फोजी व अंजलि पुत्र अमर सिंह समेत 51 बच्चे।
डॉक्टर बोले- नहीं कोई खतरा
सीएचसी के डॉक्टर अवनेंद्र कुमार का कहना है कि बच्चों को डीपीटी व टीडी बूस्टर का टीका लगा है। इन टीकों के लगने पर बुखार और सूजन की समस्या आती है। किसी बच्चे को कोई खतरा नहीं है। सभी बच्चों को दवा दी गई है।