मजदूर के दो मासूम बच्चों को एक शातिर ने भीख मंगवाने के इरादे से अगवा किया था। वह उन्हें यहां से लेकर सीधे देहरादून पहुंचा और वहां स्टेशन पर उनसे दिन में भीख मंगवाता था।
क्वार्सी क्षेत्र के ज्वालापुरी से आठ दिन पहले अगवा किए गए मजदूर के दो मासूम बच्चों को एक शातिर ने भीख मंगवाने के इरादे से अगवा किया था। वह उन्हें यहां से लेकर सीधे देहरादून पहुंचा और वहां स्टेशन पर उनसे दिन में भीख मंगवाता था। रात को लक्सर स्टेशन पर लाकर ठहरता था। पुलिस ने दोनों बच्चों को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस ब्लाइंड केस में खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी ने 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
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घटनाक्रम के अनुसार, मूल रूप से फिरोजाबाद शिकोहाबाद का रफीक मजदूरी करता है। लंबे समय से वह रेलवे स्टेशन पर रहता है। पत्नी का देहांत हो गया है और उसके 6 वर्षीय छोटी उर्फ आयशा, 4 वर्षीय आयल उर्फ चांद हैं। घटना 22 सितंबर की है। उसे एक शातिर अपराधी मजदूरी के बहाने ज्वालापुरी में ले गया, जहां उसने रफीक को कुछ रुपये दिए और खाना लेने भेज दिया। इस बीच शातिर बच्चों को लेकर गायब हो गया। एसएसपी ने मजदूर के बच्चों के अपहरण की घटना पर सीओ तृतीय की अगुवाई में पुलिस टीम लगाई गई।
टीम ने सीसीटीवी, सर्विलांस आदि की मदद से आरोपी व बच्चों की खोज शुरू की तो उसकी पहचान मूल रूप से बुलंदशहर रामघाट के कोठी नगला के भूदेव उर्फ लंगड़ा के रूप में हुई। वह बच्चों को लेकर सीसीटीवी में ज्वालापुरी से पनैठी की ओर ले जाता हुआ कैद पाया गया। किसी तरह पुलिस ने उसकी बहन का पता खोज निकाला, जिससे जानकारी हुई कि पिछले दस वर्ष से उससे मुलाकात नहीं है।
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बहन के जरिये भूदेव की जलेसर के जैनपुरा की एक महिला कविता की जानकारी मिली। पता चला कि कविता से उसने शादी कर ली है। इस पर पुलिस जैनपुरा पहुंची तो पता चला कि कविता व भूदेव मेरठ में किसी से शादी के नाम पर ठगने के मामले में जेल गए थे। कविता जेल में है, जबकि भूदेव हाल ही में जेल से छूटा है।
वहां से पुलिस को भूदेव के कुछ पुराने नंबर व फोटो आदि मिले। बस उनकी मदद से आगे बढ़ते हुए काम किया तो भूदेव को बच्चों सहित पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि जेल से छूटकर आने के बाद उस पर कोई धंधा नहीं था। किसी ने उसे बच्चों से भीख मंगवाने का अपराध समझा। उसने बताया कि वह दिन में देहरादून स्टेशन पर बच्चों से भीख मंगवाता था और रात में लक्सर स्टेशन पर रुका था, क्योंकि देहरादून स्टेशन पर पुलिस किसी को ठहरने नहीं देती। यही बात बच्चों ने भी स्वीकारी।
बच्चों को जब पिता को सौंपा गया। इस दौरान एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस टीम में इंस्पेक्टर संजय कुमार जायसवाल, एसआई सुरेंद्र गौतम, मनोज कुमार, संदीप कुमार प्रभारी क्रिमिनल इंटेजीजेंस विंग नगर टीम, हेड कांस्टेबल याकूब खान, सुखवीर, संदीप, अकुश डबास, कांस्टेबल मोहित कुमार, अजय कुमार, संध्या आदि रहे।
इस तरह से पहुंचा देहरादून
बच्चों को टाफी व अन्य खाने पीने की चीजों का लालच देकर भूदेव एक ऑटो से पहले पनैठी गया। वहां से एक ट्रक से बदायूं पहुंचा और फिर रोडवेज से बरेली गया। बरेली से एक वाहन से हरिद्वार, फिर लक्सर और बाद में घटना के ठीक अगले दिन देहरादून पहुंच गया था।
भूखे थे बच्चे, पी गए दूध और खाए ब्रेड
पुलिस ने जब बच्चों को बरामद किया और उनसे पूछताछ की तो बताया कि अंकल उन्हें दिन भर भूखा रखते थे। रात को ही खाना देते थे। जब बच्चे बरामद किए तो वे भूखे थे। उन्हें एक लीटर दूध व ब्रेड का पैकेट दिया। जो बच्चों ने पूरा खत्म कर दिया।
बच्चों को पाकर खुश हुआ पिता, दी दुआएं
जब बच्चों को एसएसपी ने खुद अपनी मौजूदगी में उनके पिता के सुपुर्द किया तो वह बेहद खुश हुआ। बच्चे भी उससे लिपट गए और पिता ने पुलिस अधिकारियों को खूब दुआएं दीं। इस दौरान वह बार-बार एसएसपी व अन्य अधिकारियों को लेकर दुआएं देता थका जा रहा था।
रेप सहित कई जगह अपराध हैं दर्ज, खुद की पत्नी से कराई ठगी
पुलिस रिकार्ड के अनुसार भूदेव पर क्वार्सी में किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म, जलेसर में आर्म्स एक्ट आदि का मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा खुद की कथित पत्नी संग मिलकर उसने मेरठ परीक्षितगढ़ के एक परिवार में अपनी पत्नी की शादी कराई। वहां से रात में उसकी पत्नी कविता परिवार को बेहोश कर जेवरात लूट लाई। इस मामले में दोनों जेल गए थे। जिसमें कविता आज भी जेल में है।
पत्नी की जमानत के लिए करना था रुपयों का इंतजाम
इधर, आरोपी ने स्वीकारा कि कविता की जमानत कराने के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी। इसी गरज से उसने यह नया धंधा शुरू किया था।