सत्संग के बाद मची भगदड़ में महिलाएं सड़क किनारे बने गड्ढे में गिर गईं थीं। कई मदद के लिए चिल्ला भी रही थीं। लेकिन भीड़ इनके ऊपर से गुजरती रही। आसपास के गांवों के नौजवान जो पंडाल से बाहर सड़क किनारे खड़े थे वह मदद के लिए दौड़े तो सेवादारों ने डंडा दिखाकर रोक दिया। तकरीबन पौन घंटे तक भीड़ गड्ढे में गिरी महिलाओं के ऊपर से गुजरती रही। जब सेवादारों को पता चला कि कई महिलाएं मर गईं हैं तो वह मौके से फरार हो गए। यह बयान पांच गांवों के लोगों ने हाथरस की पुलिस लाइन में एसआईटी के समक्ष पेश होकर दर्ज कराए हैं। ग्रामीणों ने अफसरों को बताया कि अगर सेवादार ग्रामीणों को मदद करने से न रोकते तो इतने लोगों की मौत न होती।
एसआईटी की जांच पूरी...रिपोर्ट बनाने पर मंथन जारी
हादसे के मूल कारणों और लापरवाही को लेकर सीएम के निर्देश पर शुरू हुई एसआईटी जांच शुक्रवार देर रात पूरी हो गई। हालांकि, अब सिर्फ जांच दल द्वारा संयुक्त निचोड़ निकालकर रिपोर्ट तैयार करने का काम शेष है। जिस पर देर रात तक पुलिस लाइन में मंथन चल रहा था।
जांच आयोग आज पहुंचेगा हाथरस
इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश जस्टिस बीके श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय आयोग शनिवार को हाथरस पहुंचेगा। आयोग के सदस्य शनिवार सुबह 11 बजे हाथरस पहुंचने के बाद डीएम, एसपी समेत अन्य अधिकारियों से वार्ता करेंगे। दल में पूर्व आईएएस हेमंत राव, पूर्व आईपीएस अधिकारी भावेश कुमार सिंह भी शामिल हैं। दोपहर दो बजे से फुलरई मुगलगढ़ी में वे घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे। शाम छह बजे से पुलिस व प्रशासनिक अफसरों से मिलेंगे। सात जुलाई को सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक हादसे के पीड़ितों व प्रत्यक्षदर्शियों से बात करेंगे।
मंत्री, सांसद व विधायकों ने आश्रितों के घर पहुंच दिए चेक
जान गंवाने वाली महिलाओं और बच्चों के घर शुक्रवार को शासन-प्रशासन का अमला पहुंचा। प्रत्येक मृतक के आश्रित को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे। बताया कि प्रधानमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये की सहायता राशि सीधे मृतक आश्रितों के खातों में पहुंचेगी। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह, हाथरस सांसद अनूप वाल्मीकि, छर्रा विधायक ठा. रवेद्र पाल सिंह और बरौली विधायक ठा. जयवीर सिंह ने मृतकों और घायलों के परिजनों को चेक सौंपे।