सीबीआई द्वारा आरोप पत्र दाखिल करने के बाद बिटिया के भाई का कहना है कि जब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हमें संतुष्टि नहीं मिलेगी। उसका यह भी कहना है कि सरकार ने हमें सरकारी नौकरी और शहरी क्षेत्र में एक आवास देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है
और तो और हमें प्रदेश सरकार ने पूरी आर्थिक मदद भी नहीं दी है। उसने फिर डीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीबीआई द्वारा उसकी फोरेंसिक साइकोलॉजिकल जांच के बारे में उसका कहना है कि उसे इस बारे में किसी ने कुछ नहीं बताया है।
अपने गांव में मीडिया कर्मियों से बातचीत में बिटिया के भाई ने कहा कि इस घटना के बाद सरकार ने उनके परिवार को 25 लाख रुपये, शहरी क्षेत्र में एक आवास और एक सरकारी नौकरी देने का वादा किया था। खुद उसके पिता से सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह वादा किया था, लेकिन अभी तक 25 लाख रुपये की धनराशि भी पूरी नहीं मिली है।
अनुसूचित जाति उत्पीड़न के तहत मिलने वाली साढ़े आठ लाख रुपये की धनराशि को मिलाकर 25 लाख रुपये की धनराशि उनको मिली है। अभी तक न नौकरी मिली है और न ही आवास। इसके कागजात भी उनकी वकील के पास मौजूद हैं। उसने डीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।