टोक्यो ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण जीतना ही मेरा लक्ष्य: मैरी कॉम
एक निजी स्कूल के कार्यक्रम में आई थीं हाथरस
सुपर बॉक्सर ने कहा, खिलाड़ियों को पूरी सुविधा दे रही है सरकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। अगले वर्ष टोक्यो में होने वाले ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना ही मेरा लक्ष्य है। इसके बिना मुझे मेरे कैरियर में संतुष्टि नहीं मिलेगी। यह कहना है आठ बार की विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता की विजेता रह चुकीं मैरी कॉम की। शनिवार को वह संत फ्रांसिस इंटर कॉलेज के कार्यक्रम में हाथरस आई थीं।
पत्रकार वार्ता में शनिवार को सुपर बॉक्सर मैरी कॉम ने कहा, ‘टोक्यो ओलंपिक के लिए काफी तैयारी कर रही हूं। अपनी मेहनत और लगन से काफी खिताब जीत चुकी हूं। लक्ष्य अब टोक्यो में अगली साल होने वाले ओलंपिक में सोना जीतना है।’ उन्होंने कहा कि जब तक वह इस ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड नहीं जीत लेंगी, उन्हें संतुष्टि नहीं मिलेगी। आगे उन्होंने कहा कि कॉमर्शियल होने के कारण प्रोफेशलन बॉक्सिंग की तरफ खिलाड़ियों का रुझान बढ़ा है। देश के लिए समर्पण भाव से सभी को खेलना चाहिए।
क्या सरकार खिलाड़ियों को वह पूरी सुविधा दे रही है, जो दरकार है? इस सवाल के जवाब में मैरी कॉम ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों की पूरी मदद कर रही है। उन्हें सब सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि हमारे देश में बाक्सिंग में काफी प्रतिभाएं हैं। नई लड़कियां बाक्सिंग के रिंग में उतर रही हैं। टोक्यो ओलंपिक क्वालीफाई करने के लिए कई और खिलाड़ी प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सुपर मॉम के साथ साथ सुपर बॉक्सर भी हैं। वह दोनों भूमिकाओं को बखूबी निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि संत फ्रांसिस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राबर्ट वर्गीस ने उन्हें कई बार हाथरस आने के लिए आमंत्रित किए थे। यहां आकर वह बेहद खुश हैं।