कहने को विधानसभा चुनाव में पिछले दो बार से यह सीट भाजपा के कब्जे में है। जाट बाहुल्य सीट पर भाजपा-रालोद के साथ होने के चलते मजबूत माना गया। मगर लोकसभा चुनाव में इस विधानसभा सीट पर भाजपा को 1400 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद से सपा इस सीट पर उत्साहित है। इसी कारण दोनों दलों में दावेदारों की दौड़ शुरू हो गई। जल्द दावेदारों में से चयन की प्रक्रिया भी होगी।
मुझे पार्टी ने जब-जब, जहां-जहां आदेश दिया। वहां सेवा करने पहुंचा हूं। अब हाथरस से सांसद निर्वाचित होने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दिया है। मगर क्षेत्र की जनता से जुड़ा रहूंगा। बाकी जो पार्टी का आदेश होगा, उस पर काम करूंगा।-अनूप प्रधान, सांसद हाथरस।