हाथरस के बिटिया के प्रकरण में सीबीआई की छानबीन और पूछताछ जारी है। सीबीआई की टीम शुक्रवार को बिटिया के गांव पहुंची। यहां सीबीआई ने घटनास्थल पर छानबीन की। इस दौरान बिटिया की मां व बड़ा भाई साथ में मौजूद दिखाई दिए। जानकारी मिली है कि बिटिया के भाई और मां के साथ घटनास्थल पर गहनता से पूछताछ की जा रही है। सीआरपीएफ का खेत के चारों तरफ कड़ा पहरा है। वहीं एसटीएफ भी पीएफआई के चारों सदस्यों को लेकर चंदपा और बिटिया के गांव पहुंची है।
सीबीआई ने थाने पहुंचकर की पूछताछ, दो युवकों से भी किए सवाल
इससे पहले सीबीआई ने देर शाम चंदपा थाने पहुंचकर फिर कुछ रिकॉर्ड देखे और पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। इससे पहले शिविर कार्यालय पर दो युवकों से भी सीबीआई ने पूछताछ की। कुछ देर बाद सीबीआई ने इन्हें जाने दिया। शाम को सीबीआई थाना कोतवाली चंदपा पहुंची।
वहां इसी मामले को लेकर सीबीआई ने कुछ पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। कुछ रिकॉर्ड देखे। करीब दो घंटे पूछताछ के उपरांत सीबीआई थाने से रात्रि आठ बजे वापस लौट आई।
बिटिया के परिजनों से मिले कई लोग, दिया मदद का भरोसा
वहीं, बिटिया का परिवार सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा में है। गुरुवार को भी सीआरपीएफ बिटिया के परिजनों की पूरी मुस्तैदी से सुरक्षा करती रही। इधर, एक संगठन का प्रतिनिधिमंडल बिटिया के घर पहुंचा और पूरे मामले की जानकारी लेकर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
बिटिया के घर पर तैनात सीआरपीएफ के जवान वहां आने-जाने वाले हर व्यक्ति का ब्योरा दर्ज कर रहे हैं। बिटिया के परिजनों से अभी भी बाहर से लोग आकर मिल रहे हैं। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय दलित बचाओ आंदोलन का प्रतिनिधिमंडल बिटिया के घर पहुंचा। इन लोगों ने विस्तार से पूरे मामले की जानकारी ली और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
वहां डीएम के कृत्य की निंदा भी की गई। प्रतिनिधिमंडल में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ओपी शुक्ला, एसपी राय, डॉ.आरजी भारती, संजय कामदार, संजय लोचन के अलावा यहां के वाल्मीकि समाज के नेता विनोद कुमार कोमल, राकेश चौहान, राजू राज, प्रेमचंद आदि शामिल थे। नागपुर से आए अधिवक्ता नरेंद्र के.गोडानी भी दूसरे दिन बिटिया के परिजनों से मिले और उनसे फिर बातचीत की।