हाथरस सामूहिक दुष्कर्म मामले में अब जांच तेज गति से बढ़ रही है। इस केस की जांच कर रही एसआईटी परिवार से पूछताछ कर चुकी है और आज(9 अक्तूबर) गांववालों से पूछताछ की जाएगी। दूसरी तरफ लखनऊ न्यायालय से भी कुछ अधिकारी आज पीड़िता के परिवार से मिले।
इन अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता के परिवार को 12 अक्तूबर को लखनऊ आना होगा। यहां कोर्ट में परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इस संबंध में परिवार के सदस्यों को अधिकारी नोटिस भी दे कर गए हैं।
वहीं आज एक बार फिर पीड़ित परिवार के कोरोना के सैंपल लेने एक टीम पहुंची लेकिन परिवारवालों ने कोरोना की जांच कराने से इनकार कर दिया। मालूम हो कि परिवार पहले भी जांच के लिए मना कर चुका है। दरअसल परिवार के पास बिटिया की मृत्यु के बाद से ही नेताओं और मीडिया का आना जाना लगा हुआ है जिससे परिवार को कोरोना का खतरा है। यही वजह है कि प्रशासन इनकी कोरोना जांच कराना चाहता है लेकिन परिवार इनकार कर रहा है।
मेधा पाटकर पहुंची हाथरस, पीड़िता को मिली मेडिकल सेवा पर उठाए सवाल
मेधा पाटकर ने बिटिया के घर के पहुंच कर परिजनों को संतावना दी। उन्होंने पीड़िता को दिए गए इलाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे अलीगढ़ और हाथरस में ठीक ट्रीटमेंट नहीं मिला। इसके बाद जब पीड़िता को एम्स रेफर किया गया था तो उसे सफदरजंग क्यों ले जाया गया। उन्होंने इस पूरे मामले में डॉक्टरों की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए।
योगी सरकार कानून व्यवस्था कायम करने में असफल: पांडेय
सामाजिक कार्यकर्ता व रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय ने बिटिया के परिजनों से मिलने के बाद भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में यह तरीका बन गया है कि यदि कोई पीड़ित उसका विपक्षी है, तो उसी को आरोपी बना दिया जाता है। योगी सरकार कानून व्यवस्था कायम करने में असफल है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने पुलिस को हद से ज्यादा शक्ति दे दी। इसका परिणाम यह है कि आज प्रदेश में अराजकता कीस्थिति है। यह मामला राष्ट्रीय मसला बन गया है। यहीं नहीं तमिलनाडु तक प्रदर्शन हो रहे हैं। लखनऊ में भी पीड़िता के परिजनों के समर्थन में हमने प्रदर्शन किए। लोकतंत्र में जनता फैसला करती है। जनता ही आंदोलन कर सरकार पर दवाब बनाएगी। नहीं तो फिर अगले चुनाव में जनता फैसला लेगी।