हाथरस के जिस खेत में बिटिया के साथ घटना हुई थी उस खेत के मालिक ने इस मामले में सरकार से मुआवजा देने की मांग की है। खेत मालिक छोटू के भाई सोम सिंह का कहना है कि इस घटना के बाद बाजरे की फसल में पुलिस ने पानी नहीं लगाने दिया।
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घटनास्थल (खेत) के आसपास तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस काफी दिनों तक सबूत होने की बात कहती रही, जिससे फसल की सिंचाई नहीं हो पाई। जांच के बाद अब सीबीआई ने कहा है कि फसल काट सकते हैं, लेकिन फसल टूट गई है। दाना भी नहीं है।
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घटनास्थल (खेत) में जांच करती सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
उनका कहना है कि इस केस के चक्कर में हमारा कम से कम 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। लिहाजा उन्हें भी मुआवजा दिया जाए। खेत मालिक छोटू ने कहा कि हमारी बाजरे की छह महीने की फसल है। हम खेती और पशुओं के भरोसे पर ही रहते हैं। ऐसे में हमें नुकसान हुआ है। सरकार हमारी मदद करे।
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घटनास्थल (खेत) में सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि सीबीआई लगातार इस मामले की तह में जा रही है और इसके लिए घटना से जुड़े हर व्यक्ति को चिन्हित कर उनसे पूछताछ की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को टीम ने खेल मालिक छोटू से भी पूछताछ की थी। सूत्रों की मानें तो विक्रम उर्फ छोटू ने कई अहम जानकारियां सीबीआई को दी थीं।
घटनास्थल (खेत) में सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद रविवार को सीबीआई ने दोबारा छोटू और एक अन्य युवक अनिल से भी पूछताछ की थी। अनिल एक आरोपी रामू के साथ चिलर प्लांट पर काम करता था। दोनों ने ही खुद को घटना का चश्मदीद बताया था। इन दोनों को सीबीआई ने दोपहर 12:30 बजे के लगभग छोड़ दिया था।