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आरोपियों के पक्ष के लोगों ने बिटिया के गांव के बाहर अर्धनग्न होकर दिया धरना, प्रदर्शनकारियों ने जमकर की नारेबाजी

Sun, 04 Oct 2020 08:52 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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भाजपा सांसद राजवीर दुलेर का पुतला फुंकते सवर्ण समाज के लोग - फोटो : amar ujala
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राष्ट्रीय सवर्ण परिषद और करणी सेना जैसे कई संगठन खुलकर अब चंदपा के बिटिया कांड के आरोपियों के समर्थन में उतर आए हैं। इन संगठनों ने बिटिया के गांव के बाहर अर्धनग्न होकर जोरदार धरना- प्रदर्शन किया। उन्होंने क्षेत्रीय सांसद के अलावा उन नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की, जोकि बिटिया के घर पर संवदेना जताने आए थे।

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आरोपियों के समर्थन में कई संगठन मुखर हो चुके हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की बात न आने पर यह संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में रविवार को राष्ट्रीय सवर्ण परिषद और करणी सेना ने बिटिया के गांव के बाहर जाने वाले रास्ते पर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। वहां मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि पूरी साजिश के तहत सवर्ण समाज के चारों निर्दोष युवकों को फंसाया गया है, इसके लिए पूरी तरह से कुछ राजनीतिक संगठन दोषी हैं।

इन संगठनों के नेताओं को इलाके में प्रवेश नहीं कर दिया जाएगा। इन नेताओं को पूरी तरह से बायकाट किया जाएगा। इस दौरान इन लोगों ने क्षेत्रीय सांसद राजवीर दिलेर के अलावा कांग्रेस, सपा व रालोद के नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब जब यह नेता बिटिया के गांव से होकर निकले तब तब इन संगठनों ने नारे लगाए। एक बार तो तनाव की स्थिति बनी लेकिन पुलिस ने जैसे तैसे इन नेताओं को अंदर पहुंचाया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व मुख्य रूप से सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय प्रचारक पकंज धवरैया, निशांत चौहान ने किया। 
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भीम आर्मी प्रमुख के आने से पहले समाप्त कराया धरना
इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन सुबह से ही परेशान था। भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद जब बिटिया के गांव आए तो प्रशासन को ये लगा कि मामला बिगड़ न जाए। ऐसे में उनके आने से पहले ही बातचीत कर इन प्रदर्शनकारियों को धरने से उठा दिया। 

खून से लिखा पत्र, सौंपा एसडीएम को 
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय प्रचारक पंकज धवरैया ने रविवार को एक खून से लिखा पत्र एसडीएम सदर को सौंपा। एसआईटी को प्रेषित इस पत्र में कहा गया है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कोई निर्दोष नहीं फंसना चाहिए। भ्रामक खबरें फैलाने वाले राजनेताओं पर कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि यह नेता अपनी गंदी राजनीति बंद नहीं करेंगे तो उनका हाथरस में घुसना मुश्किल हो जाएगा।

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