पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले चंदपा के बिटिया प्रकरण में रविवार को भी हंगामा जारी रहा। बिटिया के गांव को जाने वाले रास्ते के बाहर आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस ने समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठीचार्ज किया। पुलिस ने रालोद नेता जयंत चौधरी पर भी लाठियां बरसाईं। कार्यकर्ताओं ने उन्हें जैसे-तैसे बचाया। यही स्थिति सपा कार्यकर्ताओं के साथ भी हुई। करीब तीन घंटे तक एनएच पर हंगामा होता रहा और हाय-तौबा मचती रही। अलीगढ़ के सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव सहित कई कार्यकर्ता इस लाठीचार्ज में घायल हुए हैं।
चंदपा क्षेत्र के एक गांव की बिटिया का प्रकरण इन-दिनों खासी सुर्खियों में है। शनिवार की देर शाम को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मृतका के परिवार से मुलाकात की थी। इसके बाद कई अन्य राजनेताओं ने वहां जाने की घोषणा कर दी थी। प्रशासन ने वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। साथ ही केवल पांच लोगों के प्रतिनिधिमंडल को एक साथ बिटिया के गांव जाने की अनुमति दी गई थी। रविवार की सुबह गांव के एनएच पर फिर नेताओं व उनके समर्थकों को जमावड़ा लगना शुरू हो गया।
बिटिया के गांव को जाने वाले रास्ते पर पहले से ही प्रशासन ने बैरिकेडिंग करा रखी थी। सपा का एक प्रतिनिधिमंडल वहां आया तो अपने नेताओं के साथ सपा के काफी कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। पुलिस ने सपा के प्रतिनिधिमंडल को तो बैरियर से अंदर गांव के लिए रवाना कर दिया, लेकिन कार्यकर्ता जाने की जिद पर अड़ गए तो इनकी पुलिस से भिड़ंत हो गई। पहले तो वहां धक्का-मुक्की हुई और इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने सपाइयों को दूर दूर तक खदेड़ दिया।
इसके बाद वहां रालोद के नेता जयंत चौधरी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। जयंत चौधरी के साथ सैकड़ों समर्थकों ने जब अंदर प्रवेश करने की कोशिश की तो प्रशासन ने इन्हें भी इजाजत नहीं दी। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और अंदर घुस गए। इससे वहां स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने वहां जबरदस्त लाठीचार्ज कर दिया।
रालोद नेता जयंत चौधरी पर भी पुलिस ने लाठियां बरसा दीं। हालांकि उन्हें तत्काल ही कार्यकर्ताओं ने घेर लिया और इसके बाद वह बिटिया के गांव की ओर रवाना हो गए। पूरे दिन वहां पुलिस प्रशासन हलाकान रहा और जब तक नेताओं का आवागमन रहा, तब तक अधिकारी बेचैन दिखे।