मामू भांजा बाजार में 9 अक्टूबर को जीएसटी एसआईबी की टीम ने राधा रानी इंटरप्राइजेज पर छापा मारा। टीम को देखते ही अन्य दुकानदारों में भी हड़कंप मच गया। टीम ने व्यापारी के प्रतिष्ठान और गोदाम से मिले दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान खरीद-बिक्री के बिल संदिग्ध पाए गए।
राज्य कर विभाग की (विशेष अनुसंधान टीम) एसआईबी ने 9 अक्टूबर को मामू भांजा बाजार में एक मोबाइल कारोबारी के गोदाम व प्रतिष्ठान पर छापा मारा। टीम ने यहां से खरीद और बिक्री के बिल जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में आईटीसी का लाभ लेने का मामला सामने आया है। विभाग का कहना है कि सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। कल तक जांच रिपोर्ट फाइनल हो सकेगी।
विज्ञापन
मामू भांजा बाजार में 9 अक्टूबर को जीएसटी एसआईबी की टीम ने राधा रानी इंटरप्राइजेज पर छापा मारा। टीम को देखते ही अन्य दुकानदारों में भी हड़कंप मच गया। टीम ने व्यापारी के प्रतिष्ठान और गोदाम से मिले दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान खरीद-बिक्री के बिल संदिग्ध पाए गए। जीएसटी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 डॉ. एस. एस तिवारी ने बताया कि व्यापारी की बीफा जांच की गई थी। प्रारंभिक जांच में व्यापारी के खरीद और बिक्री में गड़बड़ी सामने आई है। व्यापारी हाई रिस्क पैरामीटर पर आया है। जांच में पता चला है कि खरीद-बिक्री के हिसाब से यह कम टैक्स भरते हैं। इस मामले में टैक्स चोरी का आकलन किया जा रहा है।
मामू भांजा में मोबाइल कारोबारी के यहां एसआईबी की टीम ने छापा मारा। प्रारंभिक जांच में खरीद-बिक्री में गड़बड़ी पाई गई है। व्यापारी ने कम रिटर्न दाखिल किया है। वहीं आईटीसी का लाभ ज्यादा लिया है। टैक्स का आकलन कर पूरे मामले की जांच की जा रही है।-डॉ. एस. एस. तिवारी, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2
विज्ञापन
छोटी-छोटी दुकानों में होता करोड़ों का कारोबार
मामू भांजा बाजार की कुंज गलियां दिखने में भले ही छोटी हों। लेकिन, यहां रोजाना बिना बिल के करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। ये शहर का सबसे पुराना मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक बाजार है। शादी और सहालगों के समय इस बाजार में पैर रखने तक की जगह नहीं होती। इस बाजार कई बड़े-बड़े नामचीन व्यापारियों के थोक व रिटेल प्रतिष्ठान हैं। एक आंकड़े के अनुसार प्रतिदिन आसपास के जनपदों से करीब 10 हजार से अधिक लोगों का इस बाजार में आना-जाना है। इस बाजार में ज्यादातर काम कच्चे बिल पर होता है। बुधवार को मोबाइल कारोबारी पर हुई कार्रवाई बाजार में चर्चा का विषय रही।