रंग रोगन पर भी जीएसटी का साया
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दीपावली पर घरों को सजाने के लिए रंग रोगन कराना आम चलन है, लेकिन पिछली बार नोटबंदी तो इस बार जीएसटी लोगों की घर सजाने की आकांक्षाओं पर भारी पड़ रही है। अन्य वस्तुओं की तरह जीएसटी की मार से पेंट्स के दामों में इजाफा हुआ है। पेंट्स कंपनियों ने जीएसटी के बाद महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते तीन माह पहले से पेंट्स के दाम बढ़ा दिए। दाम बढ़ने के चलते पेंट्स कारोबार में 60 फीसदी तक की गिरावट आई है। दुकानदार हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं। दीपावली सिर पर है ऐसे में उन्हें शेष दिनों में कारोबार के उठान लेने की भी कोई उम्मींद नहीं है।
क्या कहते हैं कारोबारी
- रामघाट रोड स्थित ज्योति पेंट्स के स्वामी ओमप्रकाश वर्मा ने स्वीकार किया कि पिछले साल नोटबंदी के समय दीपावली पर ग्राहकों ने पेंट खरीदने में कम रुचि दिखाई थी। इस साल जीएसटी के चलते पेंट्स के दाम बढ़ने से मात्र जरूरतमंद ग्राहक ही दुकान पर आ रहा है।
-रामघाट रोड स्थित चौधरी पेंट्स के स्वामी सुधीर सिंह चौधरी ने कहा कि नोटबंदी के समय तो 70 फीसदी पेमेंट चेक से होने के चलते थोड़ी गनीमत थी, लेकिन जीएसटी लागू होने से पहले पेंट्स कंपनियों द्वारा दो तीन माह पूर्व ही दाम बढ़ाने से कारोबार में 60 फीसदी तक की गिरावट आई है। दीपावली सिर पर है। ऐसे में कारोबार में उठान आने की कोई उम्मींद नहीं है।
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पेंट्स के दाम जीएसटी से पहले जीएसटी के बाद
लुइस बर्जर कंपनी चार लीटर आयल पेंट 800 रुपये 850 रुपये
प्लास्टिक वैदर कोट एक्टीरियर पेंट 20 लीटर 4000 रुपये 4300 रुपये
प्लास्टिक वैदर कोट इंटीरियर पेंट 20 लीटर 1600 रुपये 1800 रुपये
डिस्टेंपर 20 लीटर 750 रुपये 850 रुपये
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एशियन पेंट कंपनी का प्लास्टिक पेंट प्रीमियम क्वालिटी एक लीटर 440 रुपये 450 रुपये
एशियन पेंट कंपनी का इनेमिल पेंट एक लीटर 230 रुपये 240 रुपये
डिस्टेंपर 20 लीटर 770 रुपये 800 रुपये
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