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ढलकते आंसुओं के बीच मां-बेटी सुपुर्द-ए-खाक

Sat, 14 Oct 2017 01:37 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
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ढलकते आंसुओं के बीच मां-बेटी सुपुर्द-ए-खाक - फोटो : Amar Ujala
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कस्बे के ठा. गोपालजी महाराज मंदिर के पास गुरुवार रात अवैध रूप से डंप विस्फोट सामग्री फटने से मकान ढहने और मलबे में दबकर हुई मां-बेटी अफसरी पत्नी रफीक और बेटी तैय्यबा (15) की मौत के बाद से मुहल्ले में मौत का खौफ छाया है। आसपास के निवासी डरे सहमे हैं। उधर शुक्रवार को ढलकते आंसुओं के बीच मां-बेटी के शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शुक्रवार को पूरे दिन लोगों की आवाजाही बनी रही। लोग मलबे में बदल चुके मकान को देखते। विस्फोट कैसे हुआ? घायलों की स्थिति कैसी है? यह जानकारी करते रहे।
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पुलिस की एंट्री बनी हादसे का सबब.
लोगों की चर्चा के अनुसार रफीक उर्फ पीका तथा उसके बडे भाई मुहम्मद का मकान आपस में जुड़ा है। गुरुवार रात हादसे से चंद मिनट पहले ही पुलिस ने चोरी के मामले में वांछित मुहम्मद के बेटे मोहसिन की तलाश में पुलिस ने मुहम्मद के घर दबिश दी थी। उसके न मिलने पर पुलिस वाले लौट रहे थे। महज 50 मीटर दूर ही पुलिस पहुंची होगी कि विस्फोट हो गया। लोग कयास लगा रहे हैं कि पड़ोसी मकान में पुलिस को देखकर अफसरी ने घर में डंप विस्फोटक सामग्री को छिपाने की कोशिश की होगी। इसी हड़बड़ी में यह हादसा हुआ होगा?

पड़ोसियों के मकान भी क्षतिग्रस्त 
हादसे से थर्राये पड़ोसियों का कहना है कि कई बार इस परिवार को घर में अतिशबाजी न बनाने तथा किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री डंप न करने की बात कह चुके हैं, लेकिन वह लड़ने पर आमादा हो जाते हैं। पूर्व में हुए हादसों से भी सबक नहीं लिया। इससे पड़ोसियों की जान का खतरा भी बना रहता है। गुरुवार रात हुए विस्फोट में रफीक के पड़ोसी सफात पुत्र हारून का मकान भी मलबे में तब्दील हो गया, जबकि पड़ोसी नबी आलम के निर्माणाधीन मकान की खिड़कियों के शीशे टूटकर बिखर गए। मुहम्मद के मकान की सीढ़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
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जलाली में पहले विस्फोट कांड
- 1991 में मुहम्मद के मकान में विस्फोट हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे।
- 23 अप्रैल 2005 में मुहम्मद के मकान में हुआ हादसा जिसमें मुहम्मद की पत्नी सलमा व दो लडकों राजा व सोईल की मौत हुई।
- 5 दिसंबर 2008 में मुहम्मद के घर में विस्फोट हुआ था, जिसमें उसकी विधवा बहन मदीना की मौत हुई थी। इस हादसे में मदीना का हाथ टूटकर बाजार में गिरा था तथा सामने बना गोपालजी महाराज के मंदिर में भी काफी नुकसान हुआ था, जिसका आज तक मुकदमा चल रहा है।
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-17 मई 2011 में मुहम्मद के तयेरे भाई बुद्धा बारसी के पुलिस चौकी से आगे आबादी से हटकर बने कमरे में हुआ विस्फोट जिसमें उसकी पत्नी रजिया की मौत हुई।
-12 अक्तूबर को मुहम्मद के छोटे भाई रफीक उर्फ पीका के मकान में विस्फोट। मां-बेटी की मौत, पांच घायल।
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